चीन अब दुनिया के कहर से बचने वाला नहीं हैं क्योंकि Wuhan लैब के एक्सपर्ट चीन के भंडाफोड़ के लिए अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसियों की मदद कर रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुख्य रणनीतज्ञ स्टीव बैनन ने दावा किया है कि चीन के वुहान की लैब के एक्सपर्ट पश्चिमी खुफिया इंटेलिजेंस के साथ आकर मिल गए हैं।


उन्होंने यह भी कहा है कि इनकी मदद से एजेंसियां पेइचिंग के खिलाफ इस बात का केस तैयार कर रही हैं कि कोरोना वायरस की महामारी वुहान की वायरॉलजी लैब से लीक हुई थी और उसे छिपाना हत्या के बराबर है। द मेल से बातचीत में बैनन ने यह खुलासा किया है। इससे पहले हॉन्ग-कॉन्ग की एक एक्सपर्ट भी इस बात का आरोप लगाकर वहां से भाग निकली हैं कि कोरोना वायरस के बारे में चीन और WHO को पहले पता चल गया था लेकिन उन्होंने इसे छिपाकर रखा।
अमेरिका की नैशनल सिक्यॉरिटी काउंसिल में शामिल रह चुके बैनन ने कहा कि जासूस यह केस तैयार कर रहे हैं कि चीन के लैब में SARS-जैसे वायरसों की वैक्सीन और दवा तैयार करने के एक्सपेरिमेंट के दौरान वहां से वायरस लीक हो गया। उन्होंने आशंका जताई है कि लैब में ऐसे खतरनाक एक्सपेरिमेंट किए जा रहे थे जिनकी इजाजत नहीं थी और वायरस किसी इंसान के जरिए या गलती से लैब से बाहर आ गया। उन्होंने दावा किया है कि डिफेक्टर्स अमेरिका, यूरोप और ब्रिटेन की खुफिया एजेंसियों से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने संभावना जताई है कि खुफिया एजेंसियों के पास इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस है और लैब में जाने वालों की जानकारी है जिससे अहम सबूत मिले हैं।बैनन ने यह भी कहा है कि चाहे वायरस वुहान के वेट मार्केट से फैला हो या लैब से निकला हो, इसके फैलने के बाद चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने जैसे इसे छिपाया है, वह हत्या के बराबर है। उन्होंने कहा कि ताइवान ने WHO को 31 दिसबंर को बताया था कि हुबेई प्रांत में कई महामारी फैल रही है। पेइचिंग की CDC ने इस बारे में जानकारी छिपाकर अमेरिका के साथ जनवरी में ट्रेड डील करने का फैसला किया। उन्होंने कहा, 'अगर वे दिसंबर के आखिरी हफ्ते में सच्चाई बताते तो 95% जानें और आर्थिक नुकसान को बचाया जा सकता था।' बैनन ने दावा किया कि इस बीच चीन ने दुनियाभर का प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट जमा कर लिया।