चीन की विस्तारवादी नीती से सभी परिचित हैं। चीन की इस खतरनाक मंसूबों में भारत का अरुणाचल प्रदेश भी शामिल है, जिसपर वह कब्जा करना चाहता है। दरअसल इन दिनों एक आर्टिकल की बेहद चर्चा हो रही है। ये आर्टिकल चीनी वेबसाइट सोहू पर 2013 में लिखा गया था। अब एक बार फिर ताइवान को लेकर चीन की आक्रामक नीतियों को लेकर यह आर्टिकल फिर से वायरल हो गया है। इस आर्टिकल में कहा गया था कि चीन 2025 तक ताइवान पर कब्जा कर लेगा। साथ ही इस आर्टिकल में चीन के कई सैन्य अधिकारी, रिटायर्ड सैन्य अधिकारी, एक्सपर्ट्स और एनालिस्ट्स की बातों को रखा गया है।

इस लेख में चीन के कई पंचवर्षीय प्लान की रूपरेखा बताई गई है कि कैसे चीन धीरे-धीरे अपना विस्तार करता रहेगा। इस आर्टिकल के मुताबिक चीन 2030 तक वियतनाम और फिलीपिंस जैसे देशों को हराकर दक्षिण चीन सागर पर पूरी तरह से कब्जा जमा लेगा। इसके बाद 2040 में चीन अरुणाचल प्रदेश पर हमला कर उसे तिब्बत का हिस्सा बनाएगा। चीन के सपने यहां भी खत्म नहीं होते।

2045 तक चीन सेनकाकुस द्वीप से जापान को हटाकर अपना लाल झंडा लहराएगा। इसके बाद मंगोलिया पर हमला करके उसे चीनी इनर मंगोलिया का हिस्सा बना देगा। और मंगोलिया पर कब्जा करने के बाद चीन, रूस पर 2060 में हमला करेगा और कथित तौर पर रूस के नियंत्रण वाले चीनी क्षेत्र को चीन में मिलाएगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन जापान और रूस के सैनिकों को हराने में सक्षम रहेगी। रिपोर्ट के मुताबिक चीन अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत का दक्षिणी हिस्सा मानता है। 

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि चीन ऐसा भारत को चिढ़ाने के लिए करता है। इस आर्टिकल में कहा गया है कि चीन भारत को कई अलगाववादी आंदोलनों में धकेल देगा ताकि भारत का अरुणाचल प्रदेश फोकस से हट जाए और इसी मौके पर चीन अरुणाचल पर हमला करके कब्जा कर लेगा। लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ चीन के पास दूसरा प्लान भी तैयार है। आर्टिकल के मुताबिक चीन, पाकिस्तान को कश्मीर पर हमला करने को कहेगा और फिर चीन अरुणाचल प्रदेश पर हमला कर देगा। चीन का मानना है कि भारत एक साथ दो मोर्चे पर युद्ध नहीं लड़ सकता है और ऐसी स्थिति में भारत कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को खो देगा।