चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि चीन और अमेरिका के बीच रिश्ते इस समय सबसे निचले स्तर पर पहुंच गये हैं। वांग ने गुरुवार को चीन-अमेरिका थिंक टैंक मीडिया फोरम के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान कहा कि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से इतने खराब रिश्ते कभी नहीं रहे। 

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किये गये प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा, बेहद चिंताजनक रूप दुनिया के सबसे परिणामी द्विपक्षीय संबंधों में से एक चीन-अमेरिका संबंध को दोनों देशों के राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से सबसे गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के कुछ राजनेता चीन को अमेरिका विरोधी और यहां तक कि दुश्मन के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि वे लोग चीन के विकास और दोनों देशों के आपसी सहयोग को बाधित करना चाहते हैं। 

वहीं दूसरी तरफ गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हालिया दिनों की तनातनी के मुद्दे पर अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि चीन की अत्यंत आक्रामक गतिविधियों का भारतीयों ने सर्वश्रेष्ठ तरीके से जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि चीन की क्षेत्रीय विवादों को उकसाने की प्रवृत्ति रही है और दुनिया को यह धौंस चलने नहीं देनी चाहिए। पोम्पियो ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, मैंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस (चीन की आक्रामक गतिविधियों) के बारे में कई बार बात की है। चीन वालों ने अत्यंत आक्रामक गतिविधियां संचालित की हैं। भारतीयों ने उनका जवाब भी सर्वश्रेष्ठ तरीके से दिया है। भारत और चीन के सैनिकों के बीच पैंगोंग सो, गलवान घाटी तथा गोगरा हॉट स्प्रिंग समेत पूर्वी लद्दाख के अनेक क्षेत्रों में आठ सप्ताह से गतिरोध बना हुआ है।