इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें चीनी सैनिक गलवान घाटी (Galwan Valley) में उनके देश का झंडा फहराते नजर आ रहे है। गलवान घाटी यानी वह इलाका जहां जून 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी और दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव चरम स्थिति पर पहुंच गया था। हालांकि, भारतीय सेना से जुड़े सुत्रों का कहना है कि चीन ने जिस इलाके में झंडा फहराया वह दोनों देशों के बीच डिमिलिट्राइज्ड जोन का उल्लंघन नहीं करता है।

अब दावा किया जा रहा है यह झंडा चीन (china valley) ने अपने हिस्से के गैर विवादित क्षेत्र में फहराया है न कि गलवान में नदी के उस मोड़ के पास जहां जून 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक संघर्ष हुआ था। चीन की सरकारी मीडिया से जुड़े वेरिफाइड ट्विटर हैंडल से एक जनवरी को वीडियो ट्वीट किया गया। इसके साथ ही लिखा गया, ' साल 2022 के पहले दिन गलवान घाटी पर चीन का राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।' ट्वीट में यह भी दावा किया गया कि यह झंडा खास है क्योंकि इसे बीजिंग के थियानमान स्क्वॉयर पर भी फहराया गया था।वीडियो के वायरल होते ही मोदी सरकार पर विपक्ष एक बार फिर से हमलावर हो गया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'गलवान पर हमारा तिरंगा ही अच्छा लगता है। चीन को जवाब देना होगा। मोदी जी, चुप्पी तोड़ो!'बता दें कि बीते साल जुलाई माह में भारत और चीन दोनों ही झड़प वाली जगह से 2 किलोमीटर दूर होने पर सहमत हुए थे। इसके बाद ही भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच वार्ता भी हुई। इस वार्ता के बाद आई सैटलाइट तस्वीरों में दोनों देशों के सैनिकों के संघर्ष वाले स्थान से 2 किलोमीटर पीछे हटने की पुष्टि भी हुई। हालांकि, जो नया वीडियो सामने आया है वह उस इलाके का नहीं है जहां से दोनों देशों के सैनिक पीछे हटने को तैयार हुए थे। बता दें कि गलवान की हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे, तो वहीं चीन ने काफी बाद में यह स्वीकार किया था कि उसके चार सैनिकों ने इस संघर्ष में जान गवाई थी।