चीन अब एक ऐस्टरॉइड पर अपना रोबॉट भेज रहा है जिस पर सदियों तक चलने वाला खजाना है। Origin Space लॉन्ग मार्च रॉकेट से नवंबर में लॉन्च किया जाएगा। यह ऐस्टरॉइड पर लैंड करने और खनन करने के लिए जरूरी टेक्नॉलजी को टेस्ट करेगा।

माना जा रहा है कि इससे ऐस्टरॉइड पर खनिज, सोना, चांदी और कोबाल्ट जैसे संसाधनों का खनन किया जा सकेगा। इसे चीनी नैशनल स्पेस ऐडमिनिस्ट्रेशन ऑपरेट करेगा। Origin Space के को-फाउंडर यू तियानहॉन्ग ने IEEE स्पेक्ट्रम को बताया, 'इसका लक्ष्य स्पेसक्राफ्ट के ऑर्बिटल ऑपरेशन, छोटे स्पेस ऑब्जेक्ट पर जाना, स्पेसक्राफ्ट आइडेंटिफिकेशन और कंट्रोल को वेरिफाई करना है।'
कई लोगों को लगता है कि स्पेस में खनन दुनिया के शक्तिशाली देशों के लिए लालच है और यह खरबों डॉलर की इंडस्ट्री भी बन सकता है। वहीं, कई वैज्ञानिकों को डर है कि दूसरे ग्रहों और ऐस्टरॉइड का भी वही हाल होगा जो धरती का हुआ है। इसमें पहले से कई प्राइवेट कंपनियों की दिलचस्पी है।
ऐस्ट्रोफिजिस्ट मार्टिन एल्विस और फिलॉसोफर टोनी मिलिगन ने एक स्टडी में कहा है कि ऐस्टरॉइड से खनन किया गया लोहा कई सदियों तक बरकरार रह सकता है। पेपर में कहा गया है कि ऐस्टरॉइड बेल्ट में मौजूद लोहा धरती पर मौजूद लोहे से लाखों गुना ज्यादा है।