चीन ने सारी दुनिया में कोरोना वायरस से तबाह कर दिया है। दुनिया में कोरोना के कारण त्राही त्राही मची हुई है। वायरस इतना खतरनाक है कि वैज्ञानिक भी इसको खत्म करने की वैक्सीन नहीं बना पा रहे हैं। इसी तरह से चीन कोरोना वायरस से दुनिया तबाही मचाने के बाद दुनियाभर में आतंक फैलाने की फिराक में जुट गया है। चीन ऐसा क्यों कर रहा है किसी के समझ नहीं आ रहा है लेकिन चीन लगातार अपना खौफ दुनिया में बढ़ाता जा रहा है। हाल ही में अफगानिस्तान में चीन के 10 जासूसों गिरफ्तारी की गई है।


बता दें कि अफगानिस्तान ने राजधानी काबुल में एक 10 सदस्यीय चीनी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जो एक आतंकी सेल का संचालन कर रहा था। इसकी जानकारी राजनयिकों और सुरक्षा अधिकारियों ने दी है। काबुल में इस मामले से परिचित लोगों ने कहा कि दस चीनी नागरिकों को पकड़ा है, जो काबुल में आतंकी सेल चला रहे थे। अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय (एनडीएस) ने आतंकी सेल को चीन की जासूसी एजेंसी राज्य सुरक्षा मंत्रालय से जुड़ा हुआ बता रहा है। लेकिन अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की गई है।


काबुल के एक वरिष्ठ राजनयिक ने दावा किया है कि 10 चीनी नागरिकों में से कम से कम दो हक्कानी नेटवर्क के संपर्क में थे, जो तालिबान का आतंकवादी समूह है। इन्होंने बताया कि राष्ट्रपति अशरफ गनी को चीनी जासूसों के पकड़े जाने के बारे में जानकारी दे दी गई है। इस केस की जांच अफगान खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख और प्रथम उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह को दी है। अमरुल्लाह सालेह ने संकेत दिया कि अगर बीजिंग औपचारिक तौर पर माफी मांगता है तो अफगान सरकार चीनी जासूसों को छोड़ सकती है।