बीजिंग। चीन से डोकलाम पर जारी तनातनी के बीच भारत ने लद्दाख में मर्सिमिक ला से हॉट स्प्रिंग तक सड़क निर्माण परियोजना को मंजूरी दे दी है। मार्सिमिक ला पैंगॉन्ग झील के उत्तर पश्चिम सिरे से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसी जगह पर हाल ही में चीन व भारतीय सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। गृह मंत्रालय ने बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) को सड़क बनाने का जिम्मा सौंपा है ताकि चीन की गतिविधियों पर सुरक्षा बल नजर रख सके। भारत के इस फैसले से चीन बौखला गया है। चीन ने कहा है कि भारत ने लद्दाख में पैंगॉन्ग झील के पास सड़क बनाने का फैसला कर खुद अपने ही मुंह पर तमाचा जड़ा है। 

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुननियंग ने कहा कि भारत के इस कदम से यह पता चलता है कि बॉर्डर के मसले पर वह कहता कुछ है और करता कुछ और है। बता दें कि 15 अगस्त को लद्दाख के जिस इलाके में भारत और चीनी सेना के बीच तनाव पैदा हुआ था, वहां भारत ने 32.9 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का फैसला किया है। हुआ चुनयिंग ने चेतावनी दी है कि भारत का यह फैसला डोकलाम में सड़क बनाने को लेकर जून में भारत के साथ पैदा हुए तनाव को और ज्यादा बढ़ावा देगा क्योंकि डोकलाम पठार पर भारतीय सैनिकों ने चीन को सड़क बनाने से रोक दिया था।

 

हुआ ने कहा कि डोकलाम चीनी क्षेत्र का हिस्सा है,लेकिन भारत,भूटान के साथ है जो क्षेत्र पर अपना दावा करता है। चीन की सड़क बनाने की योजना पर भारत गहरी नजर रखे हुए है जबकि वह खुद भी सड़क बना रहा है,इससे भारत की नीतियों में साफतौर पर विरोधाभास दिखाई देता है। डोकलाम में विवाद 16 जून को तब शुुरु हुआ था जब भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। 

हालांकि चीन का दावा है कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा है। जिस इलाके को लेकर विवाद है उसका भारत में नाम डोकाला है,जबकि भूटान में इसे डोकलाम कहा जाता है। चीन का दावा है कि ये उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है। भारत-चीन का जम्मू कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक 3488 किलोमीट लंबी सीमा है। इसका 220 किलोमीटर हिस्सा सिक्किम में आता है। 

नई दिल्ली ने बीजिंग से कहा है कि चीन के सड़क बनाने से इलाके की मौजूदा स्थिति में अहम बदलाव आएगा। भारत की सुरक्षा के लिए ये गंभीर चिंता का विषय है। रोड लिंक से चीन को भारत पर एक बड़ा मिलिट्री एडवान्टेज हासिल होगा। इससे पूर्वोत्तर राज्यों को भारत से जोडऩे वाला कॉरिडोर चीन की जद में आ जाएगा। लिहाजा भारत ने डोकलाम से अपनी सेना बिना शर्त वापस बुलाने की चीन की मांग ठुकरा दी है।