चीन की विस्तारवादी नीति नेपाल में बदस्तूर जारी है।  भारतीय सीमा में चीनी घुसपैठ पर नेपाल चुटकी लेता रहा और पीछे से चीन ने उसकी ही जमीन पर कब्जा कर डाला।  मामला जिला हुम्ला के लाप्चा क्षेत्र का है।  जहां नाम्खा गांवपालिका के वार्ड नम्बर 6 के सीमांत गांव लिमी से लगे लाप्चा क्षेत्र में चीन ने कब्जा कर लिया है। 

नेपाल की सीमा से 1 किमी अंदर नेपाल की जमीन पर चीन ने अतिक्रमण कर यहां पक्का निर्माण भी कर लिया गया है।  तस्वीरों से पता चलता है कि चीन ने यहां एक बड़े भूभाग पर कई भवनों का निर्माण किया है।  इस जगह पर कभी नेपाल की निगरानी चौकी हुआ करती थी।  अब इस चौकी का कोई नामो निशान नहीं है।  यह इलाका नेपाल और चीन के बीच व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। 

नाम्खा गांवपालिका के अध्यक्ष विष्णु बहादुर लामा ने चीन के अतिक्रमण का खुलासा किया है।  लामा कुछ दिन पूर्व सीमा क्षेत्र के भ्रमण पर गए थे।  तब उन्हें वहां चीन की उपस्थिति का पता चला।  लामा मौके से चीन द्वारा नेपाल की जमीन पर अवैध कब्जे की तस्वीरें भी लेकर आए हैं जिसमें पक्का निर्माण साफ दिखाई दे रहा है। 

पालिका अध्यक्ष लामा ने बताया कि वह सीमा क्षेत्र का मुआयना करने निकले थे।  उन्होंने इस बात की कल्पना भी नहीं की थी कि चीन नेपाल के इतने भीतर तक पहुंच सकता है।  लामा ने यह भी बताया कि अतिक्रमण किए गए इलाके में चीनी अधिकारी वाहनों में घूम रहे हैं।  बताया कि उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार चीनी अधिकारियों से बात भी करनी चाही, लेकिन दूसरी ओर से किसी भी तरह की वार्ता के लिए मना कर दिया गया। 

पालिका अध्यक्ष विष्णु बहादुर लामा के अनुसार पहले भी नेपाल के लाप्चा क्षेत्र में चीन की ओर से घुसपैठ की कोशिश हुई थी।  लामा के मुताबिक गबू यलमा इलाके में चीनी घुसे थे, मगर उस वक्त नेपाल के स्थानीय लोगों ने उन्हें खदेड़ दिया था।  चीन ने नेपाल की जमीन पर एक पशु चिकित्सालय बनाने की बात कही थी।  ताकि लाप्चा क्षेत्र के ग्रामीणों की मदद हो सके। 

चीन का कहना था कि इससे क्षेत्र में पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा।  तब चीन ने केवल कच्चे निर्माण की पेशकश की थी।  लेकिन नेपाल के स्थानीय निवासियों ने चीन की इस पेशकश को ठुकरा दिया था।  अब चीन द्वारा नेपाल के लाप्चा क्षेत्र में एक दूसरी जगह पर पक्का निर्माण कर लिया गया है।  जिसके तहत 9 भवन खड़े किए गए हैं और आवागमन के लिए कच्ची सड़क भी बनाई गई है।  

नेपाल की जमीन पर हुए कब्जे के पीछे पीएलए का हाथ होने की पूरी संभावना है।  हालांकि नाम्खा गांवपालिका के अध्यक्ष विष्णु बहादुर लामा कहते हैं कि अतिक्रमण और पक्के निर्माण कार्य के इर्द-गिर्द उन्हें चीनी सेना की बड़ी उपस्थिति नहीं दिखाई दी है।  वहां मौजूद चीनी सिविल कपड़ों में ही दिखाई दिए हैं।  हां कुछ एक चीनी सेना के जवान भी वहां मौजूद हैं।  कुछ वाहन सिविल के हैं और कुछ सेना के भी हैं। 

इस क्षेत्र में जहां चीन का कब्जा है वहां उसने नेपाली नागरिकों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी है।  जबकि चीनी नेपाल की जमीन पर बिना रोक टोक वाहनों से आ जा रहे हैं।  पालिका अध्यक्ष ने इस संबंध में हुम्ला के मुख्य जिला अधिकारी चिरंजीवी गिरि को सूचित कर दिया है।  नेपाल सरकार के आदेश पर सीडीएम, नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल, नेपाल पुलिस, राष्ट्रीय जांच ब्यूरो और ग्राम अध्यक्ष की एक संयुक्त टीम निर्माण स्थल पर जाने की तैयारी कर रही है।