ताइवान की खाड़ी से अमरीकी विध्वंसक जहाज के गुजरने से चीन गुस्से में है। उसने अमरीका के इस कदम का पुरजोर विरोध किया। ड्रैगन ने कहा कि उसके इस कदम से क्षेत्र में अशांति और खतरा उत्पन्न हो सकता है। दोनों देशों के इस क्षेत्र में अपनी नौसैन्य गतिविधि बढ़ाने के बीच यह ताजा कदम है। 

चीनी सेना की पूर्वी थिएटर कमान के प्रवक्ता झांग चुनहुई ने एक बयान में कहा कि चीन ने यूएसएस जॉन एस मैक्केन पोत को उसके मार्ग से गुजरते देखा। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों ने उसका पीछा किया और उसकी निगरानी भी की। अमरीका का यह कदम ताइवान की सरकार को गलत संकेत भेजता है और वह ताइवान की खाड़ी में शांति तथा स्थिरता को खतरे में डालकर क्षेत्रीय स्थिति को जानबूझकर बाधित करना चाहता है। उन्होंने कहा कि चीन इस कदम का कड़ा विरोध करता है और चीनी सेना सख्त एहतियाती कदमों और सतर्कता से इसका जवाब देगी। 

वहीं, अमरीकी नौसेना ने कहा कि मैक्केन अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के जरिये सात अप्रैल को ताइवान की खाड़ी से आम दिनों की तरह गुजरा। इस संबंध में अमरीका ने एक बयान जारी किया था। उसने इसमें कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जहाज यहां से गुजरा। इस बीच, अमरीकी नौसेना ने यह घोषणा की कि शनिवार को उसके विमान वाहक पोत थियोडोर रूजवेल्ट और उसके स्ट्राइक समूह ने इस वर्ष दूसरी बार दक्षिण चीन सागर (एससीएस) में प्रवेश किया। उन्होंने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग कानून के तहत सामान्य ऑपरेशन था। 

उधर, चीन पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा ठोकता है और इस क्षेत्र में प्रवेश करने पर किसी भी विदेशी जहाज और पोत का विरोध करता है। चीन की सैन्य क्षमताओं में भारी सुधार और ताइवान के आसपास उसकी बढ़ती गतिविधि ने अमरीका को चिंतित कर दिया है। बुधवार को एक नियमित ब्रीफिंग में अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने दोहराया कि ताइवान के लिए हमारी प्रतिबद्धता चट्टान की तरह है। उन्होंने कहा कि हम सोचते और जानते हैं कि यह ताइवान की खाड़ी और क्षेत्र के भीतर शांति और स्थिरता के रखरखाव में योगदान देता है। प्राइड ने कहा कि अमरीका ताइवान के लोगों की सुरक्षा या सामाजिक या आर्थिक व्यवस्था को खतरे में डालने वाले किसी भी प्रकार के बल या जबरदस्ती का विरोध करने की क्षमता रखता है।