मिसाइल मसले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच रार बढ़ता जा रहा है। अब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि पाकिस्तान में गिरे भारतीय मिसाइल को लेकर फिर से सवाल उठाए हैं। कुरैशी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रतिक्रिया को अपूर्ण और अपर्याप्त बताकर खारिज कर दिया है। उन्होंने एक बार फिर घटना की संयुक्त जांच की मांग की है।

यह भी पढ़े : सिब्बल बोले - गांधी परिवार को अब कांग्रेस की लीडरशिप छोड़ देनी चाहिए , किसी और को मौका देकर देखिए

कुरैशी ने कहा है कि भारतीय रक्षामंत्री ने लोकसभा में जो कहा था वह अधूरा और अपर्याप्त है। यह पाकिस्तान को संतुष्ट करने के लिए पर्याप्त नहीं है। मैं इसे खारिज करता हूं और संयुक्त जांच की मांग करता हूं। उन्होंने आगे कहा है कि यह एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना कृत्य था और दिया गया जवाब भी उतना ही गैर-जिम्मेदाराना है।

भारतीय मिसाइल को लेकर केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में 15 मार्च को अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा था कि यह घटना निरीक्षण के दौरान एक मिसाइल के अनजाने में छोड़े जाने से संबंधित है। नियमित रखरखाव और निरीक्षण के दौरान लगभग 7 बजे गलती से एक मिसाइल को छोड़ दिया गया था।

उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं: राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने संसद में कहा है कि बाद में पता चला कि मिसाइल पाकिस्तान के क्षेत्र में गिरी थी। जबकि इस घटना के लिए हमें खेद है, हमें राहत है कि दुर्घटना के कारण किसी को चोट नहीं आई। सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है, औपचारिक उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। 

यह भी पढ़े : पुणे के इस मेट्रो स्टेशन का नाम लेने में भी आती है शर्म , अब नाम बदलने की उठी मांग , जानिए नाम

रक्षा मंत्री ने ने आगे बताया कि इस जांच से दुर्घटना के सही कारण का पता चलेगा। यह भी बताना चाहूंगा कि इस घटना के मद्देनजर संचालन, रखरखाव और निरीक्षण के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा है कि हम अपने हथियार प्रणालियों की सुरक्षा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। यदि कोई कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल दूर किया जाएगा।

मिसाइल घटना को लेकर पाकिस्तान का कहना है कि वह इस घटना को लेकर द्विपक्षीय वार्ता करना चाहता है। इस मामले में चीन भी कूद गया है और कहा है कि भारत और पाकिस्तान को मिलकर इस बारे में द्विपक्षीय वार्ता करनी चाहिए। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि पाकिस्तान और भारत दोनों ही दक्षिण एशिया के महत्वपूर्ण देश हैं। उन दोनों पर क्षेत्र में शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी है।