लेह जिले के न्योमा ब्लॉक के चांगथांग क्षेत्र में कथित तौर पर नागरिक ड्रेस में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों को ले जा रहे थे। क्षेत्र में अधिकारियों और स्थानीय लोगों द्वारा कड़ी आपत्ति के बाद, वाहन मौके से भाग गए और वापस अपने देश लौट गए। स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि वाहनों को जो लोग नागरिकों की तरह दिखते थे, उनमें से कुछ चीनी सैनिक थे। लेकिन अभी तक इसकी जांच चल रही है कि चीन के सैनिक साधा ड्रेस में भारत में घुसने की कोशिश कर रहे थे।


सोशल मीडिया पर वायरस वीडियो में दिखाया जा रहा है कि चीनी वाहनों को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करते हुए और उप-जिला मजिस्ट्रेट और अन्य स्थानीय लोगों द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन के बाद भागते हुए दिख रहे हैं। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास चीनी, उस क्षेत्र के बहुत करीब है जहां स्थानीय लोग अपने पशुओं को चरते हैं। चीनी लोगों ने कथित तौर पर इलाके के स्थानीय लोगों को धमकी दी कि अगर वे अपने पशुधन को क्षेत्र में चरने दें। स्थानीय लोगों ने तब अधिकारियों और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) को इसके बारे में सूचित किया था।


जानकारी के लिए बता दें कि यह घटना लगभग 6 दिन पहले हुई थी। जिसमें चीनी लोग पशु चराने को लेकर भारतियों को धमकी दी थी। बता दें कि लेह में चांगथांग ज्यादातर तिब्बती शरणार्थियों द्वारा बसा हुआ है। यहां यह उल्लेख किया जा सकता है कि भारत और चीन के बीच संबंध सर्वकालिक निम्न स्तर पर हैं, दोनों एशियाई दिग्गजों के सशस्त्र बलों के बीच इसके आठ महीने में प्रवेश करने को लेकर टकराव है।