लद्दाख में एलएसी पर भारत-चीन विवाद के बीच ड्रेगन का झूठ सबके सामने आ गया है। इस बीच चीन ने पहली बार स्वीकारा है कि गलवान घाटी की झड़प में उसके सैनिकों की भी मौत हुई थी। इससे पहले चीन इस बात से साफ इनकार करता रहा है कि गलवान की झड़प में उसके सैनिक मारे गए थे। 

चीन की सत्ताधारी पार्टी चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के पब्लिकेशन के अखबार ग्लोबल टाइम्स के एडिटर ने माना है कि गलवान घाटी में चीन की सेना को नुकसान पहुंचा था और कई जवानों की जान गई थी। अखबार के एडिटर इन चीफ हू झिजिन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक बयान को ट्वीट कर लिखा कि जहां तक मुझे पता है कि गलवान घाटी की झड़प में चीनी सेना में मरने वालों की संख्या भारत के 20 के आंकड़े से कम थी। इतना ही नहीं भारत ने किसी भी चीनी सैनिक को बंदी नहीं बनाया था, बल्कि चीन ने भारतीय सैनिकों को बंदी बनाया था।

रक्षा मंत्री ने दी थी तनाव की जानकारी

गौरतलब है कि भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में चीन सीमा पर जारी तनाव की जानकारी दी थी। सिंह ने कहा कि भारत सभी नियमों और समझौतों का पालन कर रहा है, लेकिन चीन की ओर से बार-बार इनका उल्लंघन किया जा रहा है। जिसके जवाब में झिजिन ने ट्वीट किया। रक्षा मंत्री ने कहा था कि गलवान घाटी की झड़प पर उन्होंने कहा कि चीन के दुस्साहस के कारण भारत के 20 जवान शहीद हुए थे, लेकिन उन जवानों ने चीन को कड़ा जवाब दिया।