हाल ही में चीन के मिलिट्री एक्सपर्ट्स ने एक स्टडी पेश की है जिसमें सैटेलाइट विरोधी क्षमताओं की बात कही गई है। ऐसे में यदि जरूरत पड़ी तो चीन इसका यूज स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क के स्टारलिंक्स सैटेलाइट्स को नष्ट करने में कर सकता है। 

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार इस स्टडी की अगुआई बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रैकिंग एंड टेलीकम्युनिकेशंस के एक रिसर्चर रेन युआनज़ेन ने की है। इसमें चीन के रक्षा उद्योग के वैज्ञानिक सह-लेखक थे। 'A Mix of Soft and Hard Kill Methods' नाम की रिपोर्ट में ऐसी बातें कही गई हैं, जिनके जरिए स्टारलिंक्स के कुछ सैटेलाइट्स को निष्क्रिय किया जा सकता है। 

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स्टारलिंक मस्क की स्पेसएक्स कंपनी की ओर से चलाए जाने वाला सैटेलाइट कॉन्सटलेशन सिस्टम है, जिसमें धरती की निचली कक्षा में 2400 सैटेलाइट्स घूमते हैं। इनके जरिए धरती पर कहीं भी सुपरफास्ट इंटरनेट भेजा जा सकता है। एलक मस्क की कंपनी के इस सिस्टम की काफी तारीफ होती है क्योंकि इससे विकासशील देशों और दुनिया के दूरस्थ इलाकों में भी इंटरनेट चल सकता है। लेकिन चीन को चिंता है कि कहीं इसका असर उसकी मिलिट्री पर न पड़ जाए।

मस्क की स्पेसएक्स ने यूएस डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस के साथ डील साइन की है ताकि स्टारलिंक्स के प्लेटफॉर्म को सैन्य कामों के लिए इस्तेमाल किया जा सके। इसमें धरती के वायुमंडल में ध्वनि की गति से पांच गुना तेज रफ्तार से यात्रा करने वाले हाइपरसोनिक हथियारों का पता लगाने और उन पर नज़र रखने में सक्षम संवेदनशील उपकरण बनाना शामिल है। माना जाता है कि चीन इसी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है। 

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रेन की टीम का मानना है कि स्टारलिंक के हजारों सैटेलाइट्स आसमान में बिखरे हुए हैं। इस स्टडी में यह पता चला है कि स्पेसएक्स का अगले दशक में 30 हजार सैटेलाइट्स लॉन्च करने का प्लान है। ये भी आयन थ्रस्टर्स से भी लैस हैं, जिससे वह जल्दी से कक्षा बदल सकते हैं।