एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चीन भारत को धोखा दे रहा है और लद्दाख में अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ा रहा है। करीब चार महीने पहले वास्तविक नियंत्रण रेखा पर और सैनिकों की तैनाती के अपने प्रस्ताव का चीन ने ही उल्लंघन किया है। चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख में अपनी स्थिति मजबूत की है और चुपके से अपने सैनिकों की संख्या भी बढ़ा दी है। चीन ने प्रस्ताव दिया था कि दोनों देश अब अपने सैनिक नहीं बढ़ाएंगे।

सेना के सूत्रों के मुताबिक चार महीने बाद चीन ने सेन कम करने के फैसले का उल्लंघन किया है। खबर है कि चीन चोरी-छिपे लद्दाख के देपसांग में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और दौलत बेग ओल्डी के पास नई जगहों पर तैनाती कर रहा है।

चीन की हरकतों को देखते हुए भारत भी पहले से अपनी मजबूती के लिए कदम उठाने को मजूबर है। अभी सीमा के दोनों तरफ करीब 50-50 हजार सैनिक तैनात हैं और ये कोशिश की जा रही है कि कोई अनहोनी ना हो। भारत ने हाल ही में दो चीनी सैनिकों को सीमा के पार पहुंचाया है जो रास्ता भटक कर सीमा लांघ गए थे। मई में तनाव शुरू होने के बाद चीनी सेना एलएसी से करीब 8 किलोमीटर अंदर तक आ गई थी और पूर्वी लद्दाख में कई जगह तंबू लगा लिए थे।

भारत की ओर से विरोध के बावजूद चीनी सेना पीछे नहीं हटी और दोनों ही देशों की सेनाओं ने अतिरिक्त सैन्य बल सीमा पर तैनात कर दिया। साथ ही टैंक, आर्टिलरी और हवाई हमला करने की भी पूरी तैयारी सीमा पर होने लगी। पिछले साल अगस्त में भारतीय सैनिकों ने चीनी सेना को चौंका दिया था जब पैंगोंग त्सो के दक्षिणी किनारे पर कब्जा कर लिया था। भारतीय सैनिक गुरुंग हिल, मगर हिल, मुखपरी, रेचिन ला और रेजैंग ला में भी अपना दबदबा कायम करने में सफल रहे।