चीन ने भी इजरायल की तरह सूसाइड ड्रोन आर्मी तैयार कर ली है जो दुनिया में तबाही मचा सकती है। ये ड्रोन एक ट्यूबलर लॉन्‍चर के अंदर होते हैं जो इशारा करते ही अपने दुश्‍मन पर टूट पड़ते हैं। इन लॉन्‍चर को एक हल्‍के वाहन और हेलिकॉप्‍टर के ऊपर तैनात किया जा सकता है। चीन की ड्रोन सेना के सामने आने के बाद अब दुनियाभर की सेनाओं के सामने बड़ा भविष्‍य की जंग को लेकर खतरा पैदा हो गया है।
चीन के इलेक्‍ट्रानिक्‍स अकादमी ने इस ड्रोन विमान को तैयार किया है और पिछले महीने ही इसका सफल परीक्षण किया है। इससे पहले चीन ने वर्ष 2017 में 120 छोटे ड्रोन को एक साथ सेना के रूप में उड़ाकर बड़ी कामयाबी हासिल की थी। बाद में चीन ने 200 ड्रोन विमानों को एक साथ उड़ाकर बड़ा कारनामा करके दिखाया। चीन के आत्‍मघाती ड्रोन विमान का नाम CH-901 नाम बताया जा रहा है। इस ड्रोन मे आगे और पीछे पंख लगे हुए हैं और लक्ष्‍य की पहचान के लिए सेंसर भी लगा हुआ है। इससे पहले अमेरिका ने भी इसी तरह का आत्‍मघाती ड्रोन विमान बनाया था।
चीन के ट्यूबलर लॉन्‍चर के अंदर 48 ड्रोन रहते हैं और इन्‍हें जरूरत पड़ते ही छोड़ा जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बॉक्‍स के जैसे इस ड्रोन के लॉन्‍चर को जंगी जहाजों और जमीन पर कहीं भी तैनात किया जा सकता है। यही नहीं इस ड्रोन को हेलिकॉप्‍टर के ऊपर भी तैनात किया जा सकता है। बता दें कि अमेरिकी नौसेना भी आत्‍मघाती ड्रोन को दागने का अभ्‍यास कर रही है। चीनी ड्रोन के विडियो में नजर आ रहा है कि 11 ड्रोन विमान एक साथ उड़ान भर रहे हैं। इन्‍हें दूर बैठे चीनी सेना के जवान एक टैबलेट जैसी डिवाइस के जरिए हमले करने और रास्‍ता बदलने का निर्देश दे रहे हैं।
चीनी ड्रोन के अंदर इलेक्‍ट्रो-ऑप्टिकल कैमरा लगा हुआ है जो जमीन पर पहले निरीक्षण करता है और लक्ष्‍य की पहचान करके उस पर हमला कर देता है। यह अभी तक स्‍पष्‍ट नहीं हुआ है कि चीनी ड्रोन में कम रोशनी में काम करने या इन्‍फ्रारेड कैमरा लगा है। चीनी ड्रोन में अगर यह क्षमता होगी तो वह रात को सटीक हमले कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस ड्रोन के विडियो को देखकर लगता है कि चीनी तकनीकी काफी मॉर्डन है। इन सबसे पता चलता है कि यदि पीएलए के पास अभी ऑपरेशनल ड्रोन आर्मी की क्षमता अगर नहीं है तो वह इसको तैनात करने के काफी करीब पहुंच गई है।