चीनी प्राधिकरण ने पूरे देश में कोविड लॉकडाउन की अवधी को बढ़ा दिया है, जिससे कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने चीन में अपने परिचालन को रोकने की घोषणा की है। देश भर में लाखों लोग गंभीर प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं। प्राधिकरण ने रिकॉर्ड संख्या में कोरोना संक्रमण के मामले दर्ज करने के बाद जिलिन प्रांत तथा प्रौद्योगिकी केंद्र शेन्जेन में पूरी तरह से लॉकडाउन लगा दिया है। 

ये भी पढ़ेंः गोवा विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस को लगा एक और झटका


बड़े नामों में से एक टोयोटा ने अपने संचालन को रोक दिया है, वोक्सवैगन और ऐप्पल के आपूर्तिकर्ता फॉक्सकॉन ने आशंका जताई है कि इस लॉकडाउन से महत्वपूर्ण आपूर्ति बाधित हो सकता है। चीन ने मंगलवार को रिकॉर्ड पांच हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले दर्ज किए, इसमें से सबसे ज्यादा मामले जिलिन से आये हैं। उत्तर- पूर्वी प्रांत के करीब 2.4 करोड़ निवासियों को सोमवार से एकांतवास में रखा गया है। 

ये भी पढ़ेंः इस राज्य में चुनाव जीतने के बाद भी संकट में नजर आ रही भाजपा, दिग्गज नेता पहुंचे दिल्ली


कोरोना महामारी के प्रारंभ में वुहान और हुबेई में लॉकडाउन के बाद चीन ने पहली बार पूरे प्रांत में प्रतिबंध लगाया है। जिलिन निवासी को एक जगह से दूसरे जगह जाने पर रोक लगाया गया है तथा अगर कोई प्रांत को छोडऩा चाहता है तो पहले पुलिस से इजाजत लेनी होगी। यह फैसला दक्षिणी शहर शेनझेन के 12.5 मिलियन निवासियों पर पांच दिन की लॉकडाउन के एक दिन बाद आया है, सभी बसों और मेट्रो सेवाओं को स्थगित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि परिचालकों से अपने व्यवसायों को बंद करने अथवा उनके कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा गया है। जरुरी समान और आपूर्ति पर छूट दी गयी है।