चीन के शीर्ष विधायी निकाय ने हांगकांग पर विवादास्पद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के एक मसौदे की समीक्षा शुरू कर दी है। इस कानून के विरोध में विशेष प्रशासनिक क्षेत्र में व्यापक सार्वजनिक चिंता और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। देश की शीर्ष विधायी संस्था चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) की स्थायी समिति के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि नये कानून के मसौदे पर गुरुवार को समिति की बैठक के दौरान चर्चा और समीक्षा की जाएगी।


वक्तव्य के अनुसार मसौदे में हांगकांग में चार तरह की आपराधिक गतिविधियों का वर्णन और सजा दिये जाने का प्रावधान है, जिनमें विदेशी एजेंटों के साथ काम करके अलगाववाद, तोडफ़ोड़, पर्यटन और राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाना शामिल है।

गौरतलब है कि बीजिंग में हाल ही में संपन्न नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के दौरान, चीनी सांसदों ने एनपीसी की स्थायी समिति के लिए हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए एक नये कानून का मसौदा तैयार करने के फैसले को मंजूरी दी थी।

चीन इस बात पर जोर दे रहा है कि प्रस्तावित कानून हांगकांग की मौजूदा स्वायत्तता को बाधित किए बिना राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करेगा। हांगकांग के स्थानीय निवासियों ने ङ्क्षचता व्यक्त की कि यह कदम लोकतंत्र समर्थकों के एक वर्ष से अधिक समय तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद शहर में लगाम कसने की चीन की योजना का हिस्सा है।

हांगकांग के कुछ कार्यकर्ताओं ने तर्क दिया कि नये प्रस्तावित कानून का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर सभी प्रकार के असंतोष और लोकतांत्रिक वकालत के खिलाफ किया जा सकता है। हांगकांग के मुख्य कार्यकारी कैरी लैम ने जोर देकर कहा है कि नये प्रस्तावित कानून से स्थानीय निवासियों की आजादी और स्वतंत्रता पर किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। नये प्रस्तावित कानून से संबंधित एनपीसी के फैसले के विरोध में हाल ही के हफ्तों में एक बार फिर से हांगकांग में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ। आंदोलनकारी चीन के भारी प्रभाव के तहत शहर के भविष्य को लेकर कई प्रकार की आशंकायें व्यक्त कर रहे हैं।