अब जल्द ही चीन की हेकड़ी निकलने वाली है क्योंकि अमेरिकी विदेश विभाग ने ताइवान को 40 155मिमी M109A6 मीडियम ऑटोमेटिक होवित्जर आर्टिलरी सिस्टम की खरीद की मंजूरी दे दी है। यह सौदा करीब 750 मिलियन डॉलर का है।

हालिया सालों में अमेरिका ने ताइवान को कई हथियार बेचे हैं। इसमें ड्रोन और तटीय रक्षा जैसे मिसाइल शामिल हैं, जिसने ताइवान की रक्षा क्षमता में बढ़ोतरी की है और चीन के संभावित आक्रमण को हतोत्साहित किया है। राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडन सरकार ने ताइवान को कई हथियारों की बिक्री की मंजूरी दी है।

इस नए डील में होवित्जर, युद्धपोतों के लिए 1698 सटीक गाइडिंग किट, पुर्जे, ट्रेनिंग, ग्राउंड स्टेशन और ताइवान की पिछली पीढ़ी के होवित्जर अपग्रेड किए जाएंगे।

ताइवान रक्षा मंत्रालय ने अमेरिकी सरकार का आभार जताते हुए कहा है कि इससे उसे जमीनी ताकत बढ़ाने में मदद मिलेगी। मंत्रालय ने अमेरिकी द्वारा लगातार हथियारों के समर्थन को ‘क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने का आधार’ बताया है।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब चीन और ताइवान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। कोरोना वायरस महामारी सहित कई कारणों से हाल के दिनों में चीन और अमेरिका के संबंध भी खराब हुए हैं। चीन ने ताइवान को बार-बार आक्रमण की धमकी दी है और ताइवान को डराने के लिए आक्रामक नीति अपनाई है। दशकों से, चीनी सरकार ताइवान पर अधिकार का दावा करती है। हालांकि ताइवान को संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है, लेकिन अमेरिकी सरकार ताइवान के साथ संबंध बनाए रखी है और चीनी के दावे को अस्वीकार करती है। अमेरिका द्वारा ताइवान को सपोर्ट किए जाने का चीन लगातार विरोध करता रहा है।