पाकिस्‍तान ने एकबार फिर भारत के खिलाफ साजिश रची है जिसके तहत वो चीन के साथ मिलकर अत्‍याधुनिक फाइटर जेट बना रहा है। पाकिस्‍तान और चीन का यह फाइटर जेट पांचवीं पीढ़ी का होगा और अत्‍याधुनिक हथियारों से लैस होगा। दोनों देश पहले ही JF-17 नाम से चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान बना रहे हैं। चीन अपने आयरन ब्रदर पाकिस्‍तान के लिए कई युद्धपोत और किलर सबमरीन भी बना रहा है।

जेन इन्‍फार्मेशन ग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक चीन और पाकिस्‍तान ने JF-17 के नए संस्‍करण JF-17B 'थंडर' का न‍िर्माण शुरू कर दिया है। इस विमान को अप्रैल 2021 तक पाकिस्‍तानी एयरफोर्स में शामिल कर लिया जाएगा। चीन में पाकिस्‍तान के राजदूत मोइन उल हक ने कहा कि यह विमान पाकिस्‍तान और चीन के बीच दोस्‍ती और भागीदारी का प्रतीक है। उन्‍होंने कहा, 'अब दोनों ही देश अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान को बनाने पर काम कर रहे हैं।'

पीओके पर कब्‍जा जमाए पाकिस्‍तान के राजदूत ने कहा कि हम संप्रभुता, आक्रमण नहीं करने और एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्‍तक्षेप नहीं करने की नीति का पालन करते हैं। हम विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में भरोसा करते हैं। बता दें कि भारत से जंग के लिए पाकिस्तानी नौसेना अपनी सामरिक और युद्धक ताकत को बढ़ाने की तैयारी कर रही है। पाकिस्तानी नौसेना के चीफ ऑफ नेवल स्टाफ ने पिछले दिनों कहा था कि अपनी महत्वाकांक्षी आधुनिकीकरण योजना के जरिए हम 50 से ज्यादा युद्धपोतों को शामिल करेंगे। इसमें 20 से ज्यादा प्रमुख जंगी जहाज होंगे।

पाकिस्तान वर्तमान समय में हथियारों के लिए अपने सदाबहार दोस्त चीन और इस्लामी देशों का खलीफा बनने की की कोशिश कर रहे तुर्की पर निर्भर है। पाकिस्तान नेवी चीफ एडमिरल जफर महमूद अब्बासी ने कहा कि हम अगले कुछ वर्षों में चार चीनी फ्रिगेट्स और 2023 से 2025 के बीच में तुर्की में बने हुए मध्यम श्रेणी के कई जहाजों को शामिल करेंगे। उन्होंने कहा कि चीन के सहयोग के चल रही हेंगर पनडुब्बी परियोजना अपनी योजना के अनुसार आगे बढ़ रही है। इसस प्रोजक्ट के जरिए पाकिस्तान और चीन के लिए चार-चार पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है।