हर घर तक बिजली पहुंचाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कि महत्वकांक्षी योजना "सौभाग्य" को लोकसभा चुनाव से पहले पुरा करने के लिए राज्य सरकार तत्पर हो गई है। मुख्यमंत्री सर्वानन्द सोनोवाल ने एपीडीसीएल के अधिकारियों से 31 दिसंबर 2018 तक सौभाग्य योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के 23 लाख परिवारों को बिजली का कनेक्शन पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य करने का निर्देश दिया है। 

मुख्यमंत्री ने इस योजना का लक्ष्य को पुरा करने के लिए रोज 13 हजार परिवारों को बिजली कनेक्शन देने को कहा है जिससे कि अगले पांच महीनों में 23 लाख के लक्ष्य को पुरा किया जा सके। 

फिलहाल इस योजना के तहत 3.5 लाख परिवारों को बिजली कनेक्शन दिया गया है। खानापाड़ा स्थित असम प्रशासनिक महाविद्यालय में एपीडीसीएल के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि रोशनी मानव जीवन का अहम हिस्सा है और किसी भी समाज का विकास उर्जा के बगैर नहीं हो सकता है। इसलिए प्रधानमंत्री ने देश के हर घर तक बिजली पहुंचाने का संकल्प लिया है, अतः हमे हर हाल मे इस योजना को सफल बनाना है हमें योजना को हर हाल मे सफल बनाना है। 

अधिकारियों को संबोधित करते हुए सोनेवाल ने कहा कि योजना को तेज गति से आगे बढ़ाने वाले एसडीओ को उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए राज्य सरकार सम्मानित करने का कार्य करेगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे ठेकेदारों को असम टीम के रूप तेज गति से समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करें। साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारीयों से यह भी कहा है कि वे जनता को यह बताने का प्रयास करें कि बिजली विभाग की संपत्ति उनकी अपनी है ताकि लोग ऐसा समझने के बाद बिजली चोरी को रोकने में अपनी भूमिका निभाएं, बैठक मे मौजूद विद्युत राज्य मंत्री तपन गोगोई ने कहा कि प्रधानमंत्री के सपने को पुरा करने का सबसे बड़ा दायित्व एपीडीसीएल अधिकारियों और कर्मचारियों पर है। 

उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री ने देश के हर परिवारों को 24 घंटे बिजली देने का सपना देखा और उसे हर हाल मे पुरा किया जाएगा। उन्होने इस मौके पर कहा कि सरकार 52 लाख परिवारों को चार एलईडी बल्ब देने कि योजना एक महिने के भीतर शुरू करेगी। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र,अस्पतालों और स्कूलों में भी एलईडी बल्ब लगाएं जाएंगे इस मैके पर एपीडीसीएल के अध्यक्ष जिष्णु बरुवा, मुख्मंत्री के प्रधान सचिव संजय लोहिया, एपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक पुरू गुप्ता और विभाग के दुसरे बड़े अधिकारी उपस्थित थे।