ऊपरी असम के गोलाघाट और जोरहाट जिलों में हाल ही में जहरीली शराब के कारण से डेढ़ सौ लोगों की मौत हो जाने से हड़कंप मच गया है।जहरीली शराब के कारण लोगों की मौत हो जाने से सरकार अब हरकत में आई है। राज्य के आबकारी विभाग ने शराब के खिलाफ अभियान चला कर अवैध शराब को जब्त कर नाले में बहा रहे हैं ।

इसी के साथ शराब बनाने वाले लोगों को भी अपनी हिरासत में ले रहे हैं। जब से शराब कांड हुआ है तब से यह अभियान जारी है। जहरीली शराब के कारण हुई डेढ़ सौ लोगों की मौत की घटना को देखते हुए मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने लाली गुड़ पर तत्काल पाबंदी लगाने के आदेश दिए हैं।

जनता भवन में चाय बागानों से संबंधित मामलों की समीक्षा करने के लिए। आयोजित बैठक में सोनोवाल ने यह निर्देश जारी किए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने चाय बागान बहुल जिलों के उपायुक्तों को अवैध शराब के उपयोग और सेवन से होेने वाले नुकसान को लेकर जनता में जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए ताकि चाय बागान की भोलीभाली जनता को कच्ची शराब से होने वाले नुकसान के बारे में बताने-समझाने के साथ ही शराब के सेवन से लोगों के मारे जाने जैसी घटानाओं को टाला जा सके।

उन्होंने ऐसे जन जागरूकता अभियान में जन प्रतिनिधियों के अलावा विभागीय मंत्री व विभिन्न संगठनों को शामिलल किए जाने की भी बात कही है। उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम में जरूरत पड़ी तो वे स्वयं उपस्थित रहेंगे। इस बैठकर में यह भी निर्णय लिया गया कि अवैध शराब के सेवन से जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु हुई है, उन अनाथ बच्चों के लालन-पालन की व्यवस्था तय नियमानुसार सरकार की ओर से की जाएगी।

आपको बता दें कि इस बैठक में चाय जनजाति कल्याण  विभाग के प्रदेश मंत्री पल्लव लोचन दास, सीएम के विधि सलाहकार शांतनु भराली, मुख्य सचिव आलोक कुमार  श्रम विभाग के प्रभारी  अतिरिक्त मुख्य सचिव जिष्णु  बरुवा,  आबकारी विभाग के कई अधिकारी भी उपस्थित थे।