उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath) ने बुधवार को कानपुर स्थित गुरुदेव चौराहे पर बने मेट्रो डिपो का निरीक्षण करने के बाद बटन दबाकर मेट्रो ट्रेन को ट्रायल के लिए रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मेट्रो परियोजना केंद्र और यूपी सरकार मेट्रो योजना पर काम कर रहे हैं। हमारा प्रयास होगा कि आगामी 4-6 सप्ताह में यहां के लोगों को यह सुविधा मिलने लगे।

मुख्यमंत्री (PM) ने कहा कि 15 नवंबर 2019 को कानपुर मेट्रो के कार्य का शुभारंभ हुआ था। विगत 19 महीनों से कोरोना की चुनौती के बावजूद मेट्रो काम चलता रहा। यह बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि अगले चार से छह सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से यह सुविधा कानपुर वासियों को मिलने लगे।

उन्होंने कहा कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है और ऐसे मुश्किल समय में तय समय सीमा से पहले पहले फेज का काम पूरा हो चुका है। पहले फेज में नौ स्टेशन होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अत्याधुनिक मेट्रो का आईआईटी कानपुर से मोतीझील तक, लगभग 09 किलोमीटर का रन होगा। इससे कानपुरवासियों को ट्रांसपोर्ट की बेहतरीन सुविधा प्राप्त होने के साथ यहां के प्रदूषण को भी कम करने में मदद मिलेगी लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा जैसी मेट्रो सिटी के साथ ही डेढ़ माह में कानपुर भी जुड़ेगा।

योगी (yogi) ने सपा (SP) पर हमला बोलते हुए कहा कि कानपुर को मेट्रो (Kanpur metro) की सौगात और पहले मिल जानी थी, लेकिन पिछली सरकारों के नकारात्मक और भ्रष्ट रवैये के कारण ऐसा न हो सका। मेट्रो के संचालन से कानपुर को न सिर्फ जाम से मुक्ति मिलेगी बल्कि प्रदूषण भी कम होगा। यूपी के चार शहरों में पहले से ही सफलतापूर्वक मेट्रो चल रही है और अब जल्द ही कानपुर भी इससे जुडऩे वाला है।

उन्होंने कहा कि कानपुर प्रदेश में बड़ी और घनी आबादी वाला औद्योगिक नगर है। मेट्रो के चलने से यहां की जनता को काफी राहत मिलेगी और प्रदूषण नियंत्रण में काफी सहायता मिलेगी। कानपुर के सभी नागरिकों एक से डेढ़ माह में मेट्रो की सुविधा मिल जाएगी और कानपुर उतनी ही तेजी से औद्योगिक रफ्तार को पकड़ेगा।