संविधान के अनुच्छेद 280 और छठी सूची में संशोधन को मंजूरी के लिए मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने केंद्र सरकार को आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा है कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त करते हैं कि  संविधान के अनुच्छेद 280 और छठी अनुसूची के लिए भूमि संशोधन को मंजूरी दी गई।


कोनराड ने अपने ट्वीट में कहा कि इस संशोधन से पूर्वोत्तर के छठे अनुसूचिच क्षेत्रों में स्वायत्त परिषद के वित्तीय संसाधनों और अन्य शक्तियों में काफी वृद्धि होगी। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के स्वायत्त जिलों को और शक्ति मिलेगी, साथ ही उनको ज्यादा वित्तीय मदद भी दी जा सकेगी। यही नहीं असम, मिजोरम और त्रिपुरा की छठी सूची के अंतर्गत वहां के गांवों और निगमों में महिलाओं के लिए 30 फीसदी सीटें आरक्षित हैं।

कोनराड ने बताया कि यह एक गेम चेंजर होगा, क्योंकि यह जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्य के लिए स्थानीय सरकारी संस्थानों के लिए उपलब्ध निधियों को पर्याप्त रुप से बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत महत्वपूर्ण निर्णय है जो हमारी स्वायत्त परिषदों को मजबूत करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा। पहले केंद्र से वित्त पोषण केवल पंचायत और नगरपालिका क्षेत्रों के लिए दिया जाता था जबकि छठी अनुसूची क्षेत्र में स्वायत्त परिषद को इसके दायरे से बाहर रखा गया था। कोनराड ने कहा वे केंद्र सरकार को यह समझाने में कामयाब रहे कि मेघालय में पंचायती राज नहीं बल्कि जिला परिषद हैं। उनकी बात सुनी गई। नतीजतन मेघालय जिला परिषदों में भी समान धन मुहैया कराने के रास्ते खुल गए।