भव्य ‘दिवाली मेले’ में शामिल होने के लिए त्रिपुरा और पड़ोसी राज्य असम के हजारों श्रद्धालु यहां से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित गोमती जिले के त्रिपुरेश्वरी मंदिर पहुंचे। त्रिपुरसुंदरी देश के 51 ‘शक्तिपीठों’ में से एक है और दिवाली के दिन यहां की मंदिर समिति प्रत्येक साल एक भव्य मेले का आयोजन करती है और यहां दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं। 

दिवाली मेले का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं का ध्यान खींचने के लिए त्रिपुरेश्वरी मंदिर में 50 अन्य शक्तिपीठों की प्रतिकृति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा, अगर कोई एक ही समय 51 शक्तिपीठ के दर्शन करना चाहे तो वह यहां आकर दर्शन कर सकता है। उत्तर-पूर्वी सीमांत रेलवे ने मेले के लिए सात विशेष ट्रेनों का परिचालन किया है। अगरतला स्टेशन मास्टर अमित कुमार ने कहा कि अगरतला से छह मेला विशेष ट्रेन और उत्तरी त्रिपुरा जिले में धरमनगर से गोमती जिले में उदयपुर के लिए एक ट्रेन चलाई गई है। इसके अलावा असम में सिलचर और धरमनगर से सभी नियमित ट्रेनें सामान्य तौर पर चल रही हैं। 

इस साल अप्रैल में त्रिपुरासुंदरी ट्रस्ट का गठन किया गया था और मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को इसका अध्यक्ष बनाया गया जबकि गोमती के जिला कलेक्टर को इसका सचिव नियुक्त किया गया। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार संजय मिश्रा ने कहा, ट्रस्ट ने शानदार प्रकाश व्यवस्था से मेला परिसर को सजाने के लिए कई पहल की है और देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कल से तीन दिवसीय यज्ञ का आयोजन किया जाएगा।