पूर्वी और उत्तरपूर्वी भारत के राज्यों समेत पूरे देश में छठ पर्व बड़ी धूम धाम से मनाया जा रहा है। इस पर्व में कार्तिक शुक्ल षष्ठी और सप्तमी 2 दिन सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। सूर्य देव को पहला अर्घ्य अस्तगामी यानी डूबते सूर्य को दिया जाता है और दूसरा अर्घ्य उगते सूर्य को दिया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य ही प्रकृति के आधार हैं इन्हीं की कृपा से कृषि उन्नत होती है तथा सृष्टि में जीवन का संचार होता है। इस वजह से इन का धन्यवाद प्रकट करने के लिए इन्हें अर्घ्य दिया जाता है।

भविष्य पुराण के मुताबिक सूर्यदेव को अर्घ्य देने से स्वास्थ्य सुख की प्राप्ति होती है तथा सूर्यलोक में निवास करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। छठ पर्व 2019 को सूर्यदेव को देश के अलग —अलग भागों में अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त भी अलग—अलग है।

दिल्ली में शुभ मुहुर्त 2 नवंबर को सूर्यस्त के समय 5 बजकर 36 मिनट है। मुंबई में शाम का अर्घ्य 6 बजकर 5 मिनट पर देना है। बिहार की राजधानी पटना में सूर्यास्त 5 बजकर 8 मिनट पर अर्घ्य दिया जाएगा। बिहार के छपरा जिले में 5 बजकर 9 मिनट पर पहला अर्घ्य दिया जाएगा। वहीं, बिहार के मिथलांचल क्षेत्र दरभंगा, मधुबनी में 5 बजकर 1 मिनट पर सूर्यास्त होने से इसी समय सूर्य को अर्घ्य है।

उत्तरप्रदेश के गोरखपुर में 5 बजकर 15 मिनट पर और राजधानी लखनऊ में 5 बजकर 23 मिनट पर अस्त होते हुए सूर्य को अर्घ्य देने का मुहूर्त है। कानपुर में पहला अर्घ्य 5 बजकर 26 मिनट पर दिया जाएगा। दिल्ली में सूर्यदेव 6 बजकर 35 मिनट पर पहला अर्ध्य दिया जाएगा। मुंबई में उगते सूर्य को अर्घ्य देने का समय 6 बजकर 39 मिनट है। पटना में सुबह 5 बजकर 58 मिनट पर तथा छपरा और इसके आस-पास के क्षेत्रों में 6 बजकर 1 मिनट पर। कोलकाता में सूर्य देव को अर्ध्य 5 बजकर 42 मिनट पर दिया जाएगा।