भारत के अन्य राज्यों की तरह सिक्किम में भी लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा नहाय खाय के साथ शुरू हो गई। विधि अनुसार छठ पूजा चार दिन तक चलेगी जिसमें महिलाएं संतान प्राप्ति तथा सुख शांति के लिए व्रत का पालन करती हैं। 

रीति के अनुसार व्रत के प्रथम दिन 24 अक्टूबर को,25 अ्रकटूबर को खरना, 26 अक्टूबर को अस्त होते सूर्य को अ‌र्ध्य तथा 27 अक्टूबर को उगते सूर्य की उपासना के साथ ही विधि विधान के साथ अन्य पूजा पाठ कर व्रत का पारण किया जाएगा। 

छठ पूजा : दूसरा दिन:खरना या लोहंडा

लाभ पञ्चमी

सूर सम्हारम

शक सम्वत 1939  हेम्लम्बी

विक्रम सम्वत 2074

काली सम्वत 5119

दिन काल 11:14:25

मास कार्तिक

तिथि पंचमी - 09:39:20 तक

नक्षत्र मूल - 20:48:46 तक

करण बालव - 09:39:20 तक, कौलव - 22:58:19 तक

पक्ष शुक्ल

योग अतिगंड - 17:44:24 तक

सूर्योदय 06:27:54

सूर्यास्त 17:42:20

चन्द्र राशि धनु

चन्द्रोदय 11:01:59

चन्द्रास्त 21:52:00

ऋतु हेमंत

दिशा शूल: उत्तर में

राहु काल वास: दक्षिण-पश्चिम में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: पूर्व में

छठ पूजा: 

खरना या लोहंडा करने का शुभ मुहूर्त- शाम 7 बजे से 10.00 तक

* दूसरा दिन- खरना... इस दिन व्रती दिनभर निर्जला उपवास पर रहेंगे. 

* सायंकाल पवित्र स्नान-ध्यान कर नया अरवा चावल, गाय का दूध और नए गुड़ की खीर बनाएंगे.

* खरना का प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रतियों का छत्तीस घंटे का निर्जला उपवास शुरू होगा.