आर्गेनिक फार्मिंग के बाद अब चेरी मिर्च के उत्पादन में भी भारत का यह राज्य अपनी धाक ज़माने को तैयार है, इसके लिए राज्य के किसानों को खेती से जुडी ट्रेनिंग भी दी गयी है।

हम बात कर रहे हैं सिक्किम राज्य के पश्चिम टासिडिंग का नेसा गांव अब चेरी मिर्च के उत्पादन के लिए आदर्श स्थान बन गया है। राज्य के बागवानी विभाग की ओर से विभिन्न क्षेत्र के किसानों के लिए गांव का भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस भ्रमण दल में कुल 40 किसान शामिल थे। भ्रमण कार्यक्रम का संचालन बागवानी विभाग के निरीक्षक भानू क्षेत्री ने किया।

उन्होने इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के अन्य हिस्सों में भी चेरी मिर्च के उत्पादन को वरीयता दिए जाने और प्रोत्साहन मिलने की बात कही। उन्होंने बताया कि सिक्किम राज्य पूरी तरह जैविक खेती पर आधारित होने को तैयार है और राज्य इस खेती की विधा का ब्रांड भी देश भर में बन चुका है। जिसके चलते न सिर्फ किसानों को लाभ मिल रहा है वरन विश्व में जैविक खेती पर आधारित चेरी मिर्च उत्पाद को काफी बढ़ावा भी मिल रहा है। उन्होने बताया कि सिक्किम के कई भागों में चेरी मिर्च का उत्पादन संभव होने की जानकारी देने और किसानों को इस ओर आकर्षित करने के लिए ही इस भ्रमण का आयोजन किया गया था।

बागवानी विभाग के निरीक्षक क्षेत्री ने किसानों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करने की भी जानकारी दी। जिसमें उन्होंने संबंधित विभाग द्वारा सहायता मिलने की भी बात कही। इस भ्रमण के दौरान नेशा गांव की सफल चेरी मिर्च उत्पादक किसान वीर मान राई ने अन्य किसानों को चेरी मिर्च की खेती के गुर भी सिखाए।