Amazon और Flipkart के मुकाबले सरकार शुक्रवार से दिल्ली-एनसीआर समेत देश के पांच शहरों से ओपेन नेटवर्क डिजिटल कामर्स (Digital commerce) (ONDC) प्लेटफार्म का पायलट प्रोजेक्ट लांच करने जा रही है। जिन चार अन्य शहरों से इसकी शरुआती होगी. उसमें बेंगलुरु, भोपाल. शिलांग और कोयम्बटर हैं। इस प्लेटफार्म पर लोग आनलाइन शापिंग कर सकेंगे और इसके माध्यम से सामान भी बेच सकेंगे। इस प्लेटफार्म पर एक साबुन की टिकिया से लेकर एयरलाइन का टिकट (Flight Ticket) खरीद और बेच सकेंगे।

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 2021 को निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाली गैर-लाभकारी कंपनी के तौर पर ओएनडीसी का पंजीकरण हुआ था। कई बड़ी कंपनियां पहले ही ओएनडीसी के साथ जुड़ चुकी हैं। ओएनडीसी के कामकाज में तेजी लाने के लिए सरकार सलाहकार परिषद का गठन कर चुकी है। इसमें इन्फोसिस के नंदन नीलेकणी और नेशनल हेल्थ अथारिटी के सीईओ आरएस शर्मा शामिल हैं।

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अभी तक केवल बड़े खिलाड़ी ही ई-कामर्स का लाभ उठा पा रहे हैं जबकि छोटे कारोबारी इससे बाहर हैं। अमेजन और फ्लिपकार्ट भारत में संयुक्त रूप से अब तक 24 अरब डालर का निवेश कर चुकी है। 80 प्रतिशत आनलाइन मार्केट पर इन दोनों कंपनियों का कब्जा है। जिस तरह से ई-कामर्स कंपनियों का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है, उससे किराना दुकानदार डरे हुए हैं। 

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यह बात ठीक है कि देश के कुल रिटेल मार्केट का मात्र छह प्रतिशत आनलाइन व्यवसाय है, लेकिन इनको लगता है कि जिस तरह अमेरिका और यूरोपीय देशों में इन कंपनियों ने छोटे दुकानदार को खत्म कर दिया है।  वैसे ही भारत में उनका अस्तित्व नहीं बचेगा। उनकी इन्हीं चिंताओं को दूर करने के लिए ओएनडीसी की शुरुआत की जा रही है।