उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट शुक्रवार को अभिजीत मुहूर्त में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। कोरोनाकाल में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की गौर-मौजूदगी में कपाट खोले गए हैं। कोविड गाइडलाइन्स का पालन करते हुए सीमित संख्या में लोगों की मौजूदगी में यमुना के शीतकालीन निवास स्थल खुशीमठ खरसाली में मां यमुना विदाई हुई, जो 11 बजे यमुनोत्री धाम पहुंची। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद अभिजीत मुहूर्त पर कर्क लग्न में दोपहर 12:15 बजे परंपरा अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ यमुनोत्री धाम के कपाट खोल दिए गए हैं। जिसके बाद आगामी ग्रीष्मकाल के 6 माह तक देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्री मां यमुना के दर्शन यमुनोत्री धाम में कर सकेंगे, लेकिन कोरोना के बढ़ते केसों के बीच श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई है।

इसके लिए यमुनोत्री मंदिर समिति, पंच पंडा समिति एवं यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों सहित खरसाली के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। बता दें कि गंगोत्री धाम के कपाट शनिवार 15 मई, केदारनाथा धाम के कपाट 17 मई और बदरीनाथ धाम के कपाट 18 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कोरोना के बढ़ते केसों के बीच इस साल भी श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई है। देवस्थानम् बोर्ड ने कपाट खोलने की तैयारियों का जायजा भी लिया है। मंदिर प्रबंधन को कोविड गाइडलाइन्स का सख्ती से पालन करने का निर्देश भी दिया गया है।

वहीं, पर्यटन व धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने देवस्थानम बोर्ड को निर्देश दिया है कि चारों धामों के मंदिरों के ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था की जाए।  ऑनलाइन दर्शन के साथ ही भक्त ऑडियो सिस्टम के जरिए पूजा अर्चना भी कर सकेंगे। कोरोना के बढ़ते मामले और देश-दुनिया के तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, प्रदेश सरकार की ओर से इस साल चारधाम यात्रा को स्थगित किया गया है। ऐसे में श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए, भक्तों के लिए उत्तराखंड सरकार चारधाम के वर्चुअल दर्शन कराने की तैयारी कर रही है। ताकि इससे लोग घर बैठे चारधाम के दर्शन कर सकेंगे।

बता दें कि, पिछले साल 2020 में भी कोरोना की वजह से चारधाम यात्रा स्थगित रही थी। इस साल सरकार ने यात्रा को शुरू करने की कोशिश थी, लेकिन अप्रैल महीने में कोरोना के बढ़ते केसों के बीच यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। इस संबंध में धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के साथ भी चर्चा की। जिस पर मुख्यमंत्री ने भी सुझाव को उचित बताया है। यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ के वर्चुअल दर्शन की व्यवस्था करने से चारों धामों के दर्शन के इच्छुक देश विदेश के श्रद्धालु मंदिर के गर्भगृह को छोड़कर बाकी मंदिर परिसर के ऑनलाइन दर्शन और ऑडियो के माध्यम से पूजा अर्चना कर सकेंगे।