बहुचर्चित चारा घोटाले (Chara Ghotala Judgment) के पांच मामलों में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) को अब तक साढ़े 32 साल की सजा सुनाई जा चुकी है। रांची स्थित सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत ने सोमवार को जिस मामले में उन्हें 5 साल की सजा सुनाई है और 60 लाख रुपए का जुर्माना भरने का आदेश दिया है, वह रांची के डोरंडा ट्रेजरी (Doranda Treasury Case) से 139. 5 करोड़ रुपए की अवैध निकासी से संबंधित है। चारा घोटाले में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ कुल 6 मामले दर्ज हुए थे, जिनमें पांच मामले झारखंड के और एक मामला बिहार का है।

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चारा घोटाले का पहला मामला चाईबासा कोषागार (Chaibasa Treasury) से 37.7 करोड़ की अवैध निकासी का था, जिसमें लालू यादव को 5 साल की सजा सुनाई गई थी। दूसरा मामला देवघर कोषागार (Deoghar Treasury) से 84.53 लाख रुपए की अवैध निकासी का था। इसमें लालू यादव समेत 38 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में लालू प्रसाद को साढ़े तीन साल की सजा और 5 लाख का जुर्माना लगाया गया था।

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तीसरा मामला भी चाईबासा कोषागार (Chaibasa Treasury) से जुड़ा था। इस मामले में लालू प्रसाद को पांच साल की सजा दी गई थी और 10 लाख का जुमार्ना लगाया गया था। यह मामला 33.67 करोड़ रुपए की अवैध निकासी का था। लालू से जुड़ा चौथा मामला दुमका कोषागार का था। इस मामले में 3.13 करोड़ रुपए की अवैध निकासी का आरोप था। इसमें लालू प्रसाद यादव को दोषी करार देते हुए दो अलग-अलग धाराओं में 7-7 साल की सजा सुनाई गई थी, साथ ही 60 लाख रूपए का जुर्माना भी लगाया गया था।