छांगू लेक, जिसे स्थानीय लोग छो गो लेक कहते हैं, गंगटोक से 40 किलोमीटर दूर है। समुद्रतल से 3780 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह अंडाकार झील एक किलोमीटर लंबी और 15 मीटर गहरी है। 

स्थानीय लोगों की मान्यताओं के अनुसार यह एक पवित्र स्थान है। शीतकाल में यह जमी रहती है। मई से अगस्त के बीच इसके चारों ओर फैली पर्वतश्रृंखला व घाटियों में विभिन्न प्रकार के फूल खिले होते हैं। 

यहां खिलने वाले फूलों में रोडोडेंड्रोन, कई प्रकार के प्रिमुला, नीले और पीले पॉपीज, आइरिस आदि प्रमुख हैं। लाल पांडा तथा कई प्रजातियों के पक्षियों का यह पसंदीदा स्थान है।

इसी दिशा में गंगटोक से 56 किलोमीटर दूर समुद्रतल से 14200 फुट की ऊंचाई पर स्थित नाथू ला है। ला अर्था पास या एक पहाड़ को लांघकर दूसरी ओर जाने का रास्ता। 

नाथू ला भारत-चीन (तिब्बत का पठार) सीमा पर स्थित है। यहां जाने के लिए पंजीकृत ट्रेवल एजेंसी के माध्यम से सिक्किम पर्यटन विभाग से परमिट लेनी पड़ती है। 

नाथू ला की ओर जाने की परमिट केवल भारतीय नागरिक ही पा सकते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाने वाली जड़ी-बूटियां और पेड़-पौधे देखने के शौकीन लोगों के लिए इसी क्षेत्र में स्थित सरमसा गार्डन और जवाहरलाल नेहरू बोटेनिकल गार्डन दर्शनीय हैं।