हमारे शरीर पर मौजूद तिल, निशान और नाखून आदि के बारे में समुद्रशास्त्र में विस्तृत जानकारी दी गई हैं। नाखून के रंग, बदलाव और उनका आकार हमारे जीवन में होने वाले बदलाव के बारे में दर्शाते हैं। अक्सर देखने को मिलता है कि कोई बीमारी होने से पहले हमारा शरीर कई संकेत देता है लेकिन उसे हम समझ नहीं पाते हैं। नाखून का रंग बदलना भी ऐसा ही एक संकेत माना जाता है, जो बीमारियों के बारे में पहले से ही सूचना देता है।

इसलिए नाखून के रंग हर रोज देखना चाहिए क्योंकि नाखून का रंग अगर बदल रहा है तो इसका मतलब है कि आपको अपनी सेहत पर थोड़ा ध्यान देना चाहिए। नाखून न केवल आपके करियर और रुपए-पैसे जुड़ी जानकारी बता सकता है बल्कि हेल्थ मॉनिटर भी करता है।

समुद्रशास्त्र के अनुसार, अगर नाखूनों की रंगत नीले रंग की दिखाई दे रही है तो समझ जाएं कि आपका ब्लड सर्कुलेशन सही से नहीं हो रहा है या आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल रही है। इस वजह से आपके नाखून नीले रंग के पड़ रहे हैं। जब इस तरह की स्थिति बनती है तब या तो नाखून का कुछ हिस्सा नीले रंग का हो जाता है या फिर पूरा नाखून नीले रंग का हो जाता है। ऐसे व्यक्ति को तुरंत डॉक्टरों की सलाह लेकर इलाज शुरू करवाना चाहिए। यह स्थिति हृदय की कमजोरी को भी दर्शाता है।
नाखून पर पीला रंग जब आ जाता है तो इसके पीछे फंगल इंफेक्शन या सिरोसिस जैसी गंभीर कारण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति खून के प्रवाह में पित्त की मात्रा अधिक पाया जाना, लाल होने पर कफ और पित्त का असंतुलन और त्वचा पर सफेद चकते होना, वात का असंतुलन होने का कारण होता है। साथ ही लिवर में गड़बड़ी होने पर अधिक मात्रा में पित्त बनने लगता है। इसका सही से इलाज न किया जाए तो यह एक गंभीर रूप ले सकता है। यह ऊतक, हड्डियों और शरीर के सभी अंगों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

कई लोगों के नाखूनों पर सफेद धब्बे देखने को मिलते हैं। ये धब्बे हड्डियों की कमजोरी, मानसिक दबाव और तनाव को भी दर्शाते हैं। कई बार ये धब्बे तनाव के घटने के साथ कम भी हो जाते हैं तो कभी-कभी ऐसे ही बने रहते हैं। साथ ही ये धब्बे रक्त संबंधित परेशानियों के सूचक भी माने जाते हैं। ऐसे लोगों को बल्ड प्रेशर संबंधित बीमारियों का खतरा बना रहता है।

कई बार नाखूनों पर सीधी खड़ी लाइन उभरती दिखाई देने लगती हैं। ये लाइन स्थितियों के अनुसार कई रंग की होती हैं। अगर ये लाइन लाल रंग की होती है तो यह किसी अंदरूनी चोट को दर्शाती है। अगर यह नीली रंग की हैं तो ब्लड से संबंधित समस्याओं के बारे में जानकारी देती है। काली या भूरे रंग की लाइन दिखाई दे रही है तो यह मेलानोमा नाम के कैंसर का लक्षण हो सकते हैं। वहीं अगर ये सफेद रंग की लाइन है तो यह शरीर में न्यूट्रिशन की कमी को दर्शाती है।

कई बार नाखून बड़ी आसानी से टूट जाते हैं। छोटी सी छोटी चोट पर नाखून का बड़ा हिस्सा टूटकर गिर जाता है और दर्द होने लगता है। ये लक्षण लीवर और थायरॉइड की बीमारे के बारे में जानकारी देता है। इसलिए जब आपके नाखूनों में ऐसी स्थिति बन रही है तो जल्द से जल्द डॉक्टरों की सलाह लें। इन बीमारियों के लिए अपने आप दवाइयां न लें।

जिस व्यक्ति के नाखून ऊपर से चौड़े और नीचे संकरे होते हैं, उनको हमेशा तेजी से काम करने की आदत डालनी चाहिए और अपना सोशल नेटवर्क बढ़ाना चाहिए। क्योंकि ऐसे नाखून वाले ज्यादातर लोग आलस्य से घीरे रहते हैं और अकेला रहना पसंद करते हैं। वहीं जिस व्यक्ति के छोटे और चौड़े नाखून हों तो वह लड़ाई-झगड़े में विश्वास रखता है और दूसरों की आलोचना में उनको मजा आता है। इन लोगों की आदत दूसरों के काम में हस्तक्षेप करने की भी होती है लेकिन अपने काम पर ध्यान नहीं देते।