चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है जिसके बारे में हर कोई जानता है। चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और सूर्य के प्रकाश को चंद्रमा तक पहुंचने से रोक देती है। आज साल का अंतिम और सबसे लंबा ग्रहण लग चुका है। हिंदू धर्म में किसी भी ग्रहण को शुभ नहीं माना गया है। ज्योतिश शास्त्र के मुताबिक ग्रहण के दौरान राहु-केतु चंद्रमा को बांधने का काम करते हैं और इसका असर जीवन के हर क्षेत्र पर पड़ता है।

ऐसा माना गया है कि ग्रहण का स्वास्थ पर असर (Impact of Chandra Grahan on health) होता है। हालांकि, वैज्ञानिक रूप से इस बात का कोई प्रमाण नहीं है लेकिन ज्योतिष के अनुसार चंद्र ग्रहण स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। ऐसा माना जाता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान निकलने वाली तेज पराबैंगनी किरणें लोगों के स्वास्थ्य को कई तरह से नुकसान पहुंचाने का काम करती हैं।

माना जाता है ​कि चंद्र ग्रहण के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण त्वचा को प्रभावित कर सकता है जिससे  त्वचा संबंधी बीमारियां भी हो सकती हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दौरान व्यक्ति का कफ दोष मांसपेशियों को नियंत्रित करता है और शरीर में असंतुल का अनुभव हो सकता है जिससे त्वचा की समस्या हो सकती है।

ग्रहण से आंखों को नुकसान (lunar eclipse effect on eyes) होता है। सूर्य ग्रहण की तुलना में चंद्र ग्रहण उतना हानिकारक नहीं होता। सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से देखने के लिए मना किया जाता है क्योंकि ये आपके रेटिना को नुकसान पहुंचा सकता है।

गर्भवती महिलाओं को नुकसान (Precautions For Pregnant Women) होता है। ग्रहण का असर सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाओं पर पड़ता है। इससे निकलने वाली हानिकारक किरणें होने वाले बच्चे को भी नुकसान पहुंचाती हैं। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर ही रहने की सलाह दी जाती है और खानपान से लेकर सोने तक में भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि इस बात का भी कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

चंद्र ग्रहण का पाचन पर असर (Harmful for digestion) होता है। मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण के दौरान पहले से पके हुए भोजन से दूर रहने की सलाह दी जाती है। इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के दौरान उत्पन्न होने वाले हानिकारक किरणें खान-पान को दूषित कर देती हैं और इसकी वजह से अपच और सूजन जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।