देश के महान फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया ने 'हमरो सिक्किम' नाम से एक राजनीतिक दल बनाने की घोषणा की थी। अपने राजनीति कार्य के सिलसिले में बाइचुंग भूटिया पिछले दिनों दिल्ली में ही थे। एक चैनल से बातचीत में भूटिया ने कहा कि सिक्किम बेरोजगारी के मामले में भारत में दूसरे स्थान पर है। आत्महत्या के मामले में नंबर वन है। इसकी वजह ये है कि पवन चामलिंग सरकार ने राज्य के युवाओं की तरफ अपने कार्यकाल में ध्यान ही नहीं दिया है। यहां तक कि यहां के नौजवानों को नशे की दुनिया में धकेलने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि यहां की सरकार विकास की बात करती है, लेकिन राज्य की सड़कों का हाल बुरा है। कहने को तो यहां 40 पनबिजली प्रोजेक्ट हैं, लेकिन खुद मुख्यमंत्री के पैतृक स्थान के आसपास के इलाकों में बिजली नहीं है, पीने का पानी नहीं है। 2-3 दिनों तक बिजली नहीं आती है। लोगों को छोटी-छोटी बीमारियों के लिए सिलीगुड़ी आना पड़ता है। सिक्किम की जो तस्वीर देश और दुनिया को दिखाई जाती है, हकीकत उससे कहीं अलग है। यहां सबसे बड़ी समस्या है राजनीति में फैला भ्रष्टाचार। यहां विकास के नाम पर कृषि जमीन और सुंदर नदियों को उजाड़ा जा रहा है, उन्हें बेचा जा रहा है। यहां तक कि विकास के नाम पर सिक्किम की मिट्टी को भी बेचा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि  सिक्किम को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त है। जब सिक्किम और भारत के बीच विलय को लेकर समझौता हुआ था, उस समय केंद्र सरकार ने राज्य को कई सहूलियतें दी थीं। यहां नेपाली लोगों के लिए रिजर्वेशन का प्रावधान है, लेकिन वर्तमान सरकार ने नेपालियों को उनका हक नहीं दिया। तमांग समुदाय के लिए भी यहां सीट रिजर्व थी, लेकिन आजतक उन्हें मौका नहीं दिया गया।