बिहार कांग्रेस ने इस बार के गणतंत्र दिवस में राज्य की झांकी को शामिल नहीं किए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आज कहा कि बिहार राजनीति का शिकार हुआ है और यह राज्य की जनता के साथ नाइंसाफी है। 

कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने यहां कहा कि गणतंत्र दिवस की झांकी में बिहार राजनीति का शिकार हुआ है। यह बिहार की जनता के साथ नाइंसाफी है। उन्होंने कहा कि जिस जल-जीवन-हरियाली विषय की महत्ता अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो और जिस अभियान की सराहना राष्ट्रपति स्वयं कर रहे हों, उसे राष्ट्रीय त्योहार के परेड में शामिल नहीं किया जाना समझ से परे है। सिंह ने कहा कि बिहार गंभीर विषयों पर हमेशा से अगुवाई करता रहा है। आज वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संकट की चिंता जतायी जाती है।

यदि कोई राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही हो तो निश्चित रूप से उसे प्रोत्साहन मिलना चाहिये। लेकिन, यह बड़े ही आश्चर्य का विषय है कि भाजपा की मोदी सरकार ने जल-जीवन-हरियाली विषय पर बिहार की झांकी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, मुझे महसूस होता है कि सार्वभौमिक और सार्वजनिक हितों पर राजनीति नहीं होनी चाहिये। कांग्रेस नेता ने कहा कि गणतंत्र दिवस की परेड में न सिर्फ बिहार बल्कि केरल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, पुद्दुचेरी एवं झारखंड जैसे राज्यों की झांकियों को भी शामिल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) देश का राष्ट्रीय पर्व है, जिसे भेदभाव से रहित और राजनीति से अछूता रखना चाहिये।