नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूर्वोत्तर राज्यों को बड़ा तोहफा देने वाले हैं। मोदी सरकार हिमालियन स्टेट्स और नॉर्थ ईस्ट के लिए बनी जॉब क्रिएशन पॉलिसी को रिवाइव करेगी। इस संबंध में बातचीत चल रही है। नीति आयोग की टीम और इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन विभाग के अधिकारियों एक रिपोर्ट तैयार की है। 

इस पर सरकार के अंदर चर्चा चल रही है। सूत्र के मुताबिक जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि नॉर्थ ईस्ट और हिमालियन स्टेट्स इस तरह की पॉलिसी की मांग कर रहे हैं। हमने इसे मान्यता दी है ताकि इन राज्यों में इंडस्ट्रियलाइजेशन को बढ़ावा दिया जा सके। हम इन राज्यों के लिए कुछ अर्थपूर्ण करने के लिए उत्सुक हैं। यह पॉलिसी जम्मू कश्मीर पर भी लागू होगी,जो नई दिल्ली की पॉलिटिकल लीडरशिप के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। 

अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने जम्मू कश्मीर,हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड में नई इंडिस्ट्रियल यूनिटों और मौजूदा यूनिटों के जरूरी विस्तार के लिए स्पेशल पैकेज की घोषणा की थी। 2017 में पूर्वोत्तर के लिए फिस्कल इंसेंटिव्ज के पैकेज और अन्य कन्सेशंस को मंजूरी दी गई थी। इसे नॉर्थ ईस्ट इंडस्ट्रियल एंड इनवेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी नाम दिया गया था। ये इस साल 31 मार्च को खत्म हो गई।