गुवाहाटी। केद्रीय इस्पात राज्यमंत्री फगण सिंह कुलस्ते ने शीघ्र ही असम में एक इस्पात उद्योग की स्थापना करने का आश्वासन दिया है। ब्रह्मापुत्र राज्यिक अतिथिशाला में मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल से हुई एक भेंट में उन्होंने यह आश्वासन दिया है। भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने कामरूप जिले के दगांव में एक सौ एकड़ जमीन पर बदहाल पड़े इस्पात उद्योग को पुनर्जिवित करने का भी अनुरोध किया।


 भेंट के दौरान सोनोवाल ने कहा कि असम तथा पूर्वोत्तर राज्यों में इस्पात की बढ़ती मांग के मद्देनजर इस क्षेत्र में एक इस्पात उद्योग की स्थापना बहुत जरूरी हो गया है। पूर्वोत्तर में विभिन्न निर्माण कार्य के लिए 6 लाख एमटी इस्पात स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया से हर साल इस्तेमाल में लाया जा रहा है। केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री कुलस्ते को मुख्यमंत्री ने पिछले साल आयोजित विश्व विनिवेश सम्मेलन का हवाला देते हुए बताया कि सम्मेलन में 240 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसके तहत सरकारी, गैर-सरकारी उद्योग क्षेत्र में 79 हजार करोड़ निवेश के लिए विभिन्न औद्योगिक संस्थानों ने इच्छा जताई थी। फिलहाल इनमें से 52 हजार करोड़ का काम शुरू हो चुका है। राज्य सरकार ने गुवाहाटी को विस्तारित किया है। राज्य कि राजधानी क्षेत्र के रूप में चिह्नित अंचलों में औद्योगिक वातावरण का माहौल बना है। 

सोनोवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ पहल के कारण असम तथा पूर्वोंत्तर में ढांचागत विकास के क्षेत्र में हुए परिवर्तन के बारे में भी बताया। इसके कारण निर्माण क्षेत्र में संभावनाएं बढ़ी हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा हर केंद्रीय मंत्री को 100 दिन को कार्यक्रम प्रस्तुत करने के दिए निर्देश का जिक्र करते हुए राज्य में स्थापित किए जाने वाले इस्पात उद्योग को 100 दिवसीय कार्यक्रम में शामिल करने का भी अनुरोध किया। 

इस बैठक में केंद्रीय इस्पात मंत्री कुलस्ते ने असम में इस्पात की स्थापना पर विचार करने का अश्वासन दिया। साथ ही दगांव के इस्पात उद्योग को 100 दिवसीय कार्यक्रम में शामिल कर इसे पुनर्जीवित करने के विषय पर सक्रिय पहल करने का भी आश्वासन दिया। इस बैठक के दौरान उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री चंद्रमोहन पटवारी भी उपस्थित थे।