केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वालों को टीकाकरण के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एसओपी के बारे में जानकारी दी है। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि केंद्र सरकार ने पढ़ाई, रोजगार और टोक्यो ओलंपिक के लिए जाने वाले भारतीय दल की अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए टीकाकरण के लिए एसओपी जारी की है। ऐसे यात्रियों के पासपोर्ट से कोविन प्रमाणपत्रों को लिंक किया जाएगा।

मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि पासपोर्ट में कोविन सर्टिफिकेट के लिंक होने और वैक्सीन के टाइप में 'कोविशील्ड' का उल्लेख होना काफी होगा। इसके अलावा वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में किसी और एंट्री की जरूरत नहीं होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को चिट्ठी लिखकर शिक्षा, रोजगार या टोक्यो ओलंपिक के लिए विदेश यात्रा करने वाले लोगों को जरूरत होने पर कोविशील्ड की दूसरी डोज 84 दिन होने से पहले ही देने को कहा है। मंत्रालय ने कहा है कि जिन लोगोंने कोविशील्ड की पहली खुराक ली है और उनकी यात्रा की तारीख दूसरी खुराक के लिए तय किए गए 84 दिन पूरे होने से पहले पड़ रही है, उनको पहले ही डोज दे दी जाए।

दुनिया के ज्यादातर देशों ने बिना कोरोना वैक्सीन लिए लोगों की एंट्री पर बैन लगा रखा है। ऐसे में खेलों में भाग लेने के लिए या पढ़ाई के लिए जिनको जाना है, उनको कोविशील्ड का टीका लगना जरूरी है। बता दें कि भारत में अभी तक कोविशील्ड और स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन का टीका लग रहा है। इसमें भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन' के टीके लगवाने वालों को विदेश यात्रा में मुश्किलें आ रही हैं। इसकी वजह ये है कि ये वैक्सीन विश्व स्वास्थ्य संगठन की इमरजेंसी यूज लिस्टिंग में शामिल नहीं है। जिसके चलते कौवेक्सीन लेने वालों को अन्य देशों में एंट्री लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।