वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक डॉ. नरेश कुमार ने कहा है कि केन्द्र सरकार इन्कम टैक्स रिटर्न भरने की तारीख को बढ़ा कर मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग को लूट रही है, क्योंकि सरकार टैक्स के ऊपर ब्याज वसूल करती है जिससे आम आदमी अनभिज्ञ होता है। डा. कुमार ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे एक पत्र में कहा है कि केंद्र सरकार देश की जनता को गुमराह कर लूटने का काम कर रही है। एक तरफ़ आपकी सरकार इन्कम टैक्स रिटर्न भरने की तारीख को बढ़ा रही है वहीं दूसरी तरफ़ मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग को लूट रही है, क्योंकि सरकार टैक्स के ऊपर ब्याज वसूल करती है जिससे आम आदमी अनभिज्ञ होता है। 

उन्होंने कहा कि अगर सरकार आम आदमी के प्रति इतनी ही संवेदनशील है तो इन्कम टैक्स रिटर्न भरने की तारीख बढ़ाने के साथ साथ ब्याज में भी छूट देनी चाहिए। इसी वजह से सरकार की नीयत साफ़ नहीं है इसलिए वह इन्कम टैक्स रिटर्न भरने की तारीख बढ़ा ब्याज के नाम पर लूटने का काम करती रहती है। ग़ौरतलब है कि इन्कम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई होती है और किसी भी व्यक्ति पर जो टैक्स बनता है वह एक अप्रैल से लागू हो जाता है। और उस टैक्स पर ब्याज भी एक अप्रैल से ही शुरू हो जाता है। 

बड़ी कम्पनियाँ और कॉरपोरेट वर्ग को यह जानकारी होती है लेकिन आम जनमानस को यह जानकारी नहीं होती कि एक अप्रैल से जो टैक्स बनता है उसके ऊपर उसे ब्याज देना पड़ता है। उन्होंने पत्र में वित्त मंत्री से माँग की है कि एक अप्रैल 2021 से और जो इन्कम टैक्स भरने की आखिरी तारीख 30 सितम्बर है, तक का ब्याज माफ किया जाए और जो पिछले साल इसी तरीक़े से सरकार टैक्स पर ब्याज वसूला था उसे भी वापस किया जाए।