मोदी सरकार (Modi Government) केंद्रीय कर्मचारियों (central employees) को जल्द ही खुशखबरी देने वाली है। सरकार कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र और पेंशन की राशि बढ़ाने पर विचार कर रही है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति की तरफ से ये प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें देश में लोगों के काम करने की उम्र सीमा बढ़ाई जाने की बात कही गई है। इसके साथ ही पीएम की आर्थिक सलाहकार समिति ने कहा है कि देश में रिटायरमेंट (Retirement) की उम्र बढ़ाने के साथ यूनिवर्सल पेंशन सिस्टम भी शुरू करने की बात कही गई है। 

रिपोर्ट के अनुसार, इस सुझाव के तहत कर्मचारियों को हर महीने कम से कम 2000 रुपए का पेंशन के साथ देश में सीनियर सिटीजन की सुरक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था करने की सिफारिश की है। इससे पेंशनर्स को काफी हद तक सुविधा मिलेगी। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर कामकाजी उम्र की आबादी को बढ़ाना है तो इसके लिए सेवानिवृत्ति की उम्र को बढ़ाने की सख्त जरूरत है। रिपोर्ट में 50 साल से ऊपर के व्यक्तियों के लिए भी स्किल डेवलपमेंट की बात भी कही गई है। 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकारों को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिससे कौशल विकास किया जा सके। इस प्रयास में असंगठित क्षेत्र, दूरदराज के इलाकों में रहने वाले, रिफ्यूजी, प्रवासियों को भी शामिल किया जाना चाहिए। ऐसे में किसी भी विभाग में दक्ष लोगों की कमी नहीं होती है। 

वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रोस्पेक्टस 2019 के मुताबिक साल 2050 तक भारत में करीब 32 करोड़ सीनियर सिटीजन हो जाएंगे। यानी देश की आबादी का करीब 19।5 फीसदी व्यक्ति सेवानिवृत्त की कैटेगरी में आ जाएंगे। साल 2019 में भारत की आबादी का करीब 10 फीसदी या 14 करोड़ लोग सीनियर सिटीजन की कैटेगरी में हैं।