केंद्र ने पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ व्यापार और द्विपक्षीय संबंध सुधारने के लिये त्रिपुरा में एकीकृत सीमा चौकी (आईसीपी) और दो नये सीमा हाटों के निर्माण संबंधी राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। त्रिपुरा के उद्योग एवं वाणिज्य विशेष सचिव किरण गित्ते ने बताया कि यह फैसला दिल्ली में गृह मंत्रालय के सीमा प्रबंधन सचिव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई अंतर-मंत्रालयी बैठक के दौरान किया गया।

‘‘लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया’’ (एलपीआई) दक्षिण त्रिपुरा के सबरूम उपसंभाग में आईसीपी का निर्माण करेगा और यह राज्य में भारत-बांग्ला सीमा के पास दूसरा आईसीपी होगा। एक आईसीपी यहां अखौरा में स्थित है जिसे 2013 में बनाया गया था। गित्ते ने बैठक में त्रिपुरा का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने बताया कि सीमाई सिलहट जिला से लगते उत्तरी त्रिपुरा जिले के राघना और बांग्लादेश के फेनी जिला की सीमा से लगते दक्षिण त्रिपुरा जिले में दो सीमाई हाट भी स्थापित किये जायेंगे।

अधिकारी ने बताया कि भू-राजनीतिक महत्व के चलते आईसीपी परियोजना की निगरानी सीधे तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा की जायेगी। राज्य सरकार ने 2016 में पड़ोसी देश में चटगांव खंड को फेनी नदी पर बने पुल से जोड़ने के लिये गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा था। चटगांव बंदरगाह को दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे बेहतरीन बंदरगाहों में से एक माना जाता है। चटगांव पुल से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जो त्रिपुरा को बांग्लादेश से जोड़ता है।