इजरायल और फिलिस्तीन में संघर्ष विराम के बीच हमास ने चेतावनी दी है। हमास ने कहा कि उसके पास मिसाइलों का भंडार है और वह आने वाले कई महीनों तक इजरायल पर भीषण हमले कर सकता है। गाजा की लड़ाई धीरे-धीरे शांत होने और संघर्षविराम के साथ ही हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को एक साक्षात्कार में यह गंभीर चेतावनी दी। उधर, हमास के साथ समझौता करके इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बुरी तरह से घर में घिर गए हैं।

हमास अधिकारी ओसामा हमदान ने कहा कि फिलिस्तीनी चरमपंथी समूह के पास ‘मिसाइलों की कोई कमी’ नहीं है और अगर वह चाहे तो इजरायल पर कई महीनों तक मिसाइलें दागना जारी रख सकता है। ओसामा हमदान ने हमास चरमपंथियों के साथ 11 दिन से जारी निर्मम युद्ध में संघर्ष विराम की इजरायल की घोषणा से कुछ घंटे पहले यह बात कही। गुरुवार देर रात की घोषणा में बताया गया कि मिस्र के एक प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया है।

हमदान ने कहा कि हमास का हाथ न आने वाला कमांडर मोहम्मद देफ, जिसकी इजरायल को दशकों से तलाश है, जिंदा है और गाजा सैन्य अभियानों का प्रभार अब भी उसके पास है। देफ उर्फ अबु खालिद, गाजा में अब तक इजरायल का सबसे वांछित लक्ष्य रहा है। वह इजरायल के उसकी हत्या करने के कई प्रयासों में जीवित बच गया है और सार्वजनिक तौर पर बिरले ही कभी नजर आया है। इजरायल की मीडिया ने कहा कि मौजूदा इजरायल -हमास युद्ध के दौरान दो बार और उसे मारने के विफल प्रयास किए गए। यह एक दशक में चौथा मौका था।

खबरों के मुताबिक इजरायली राष्ट्रवादियों के विवादित इलाके में इजरायल का दावा पेश करने के लिए ओल्ड सिटी से परेड निकालने से एक दिन पहले यह झड़प हुई है। देर रात शुरू हुई इस झड़प के बाद सोमवार को वार्षिक ‘यरुशलम दिवस’ समारोह में और हिंसा होने की आशंका बढ़ गई है। इजराइल की पुलिस ने कई दिनों से इजराइल और फिलिस्तीन के बीच जारी तनाव के बावजूद रविवार को परेड निकालने की अनुमति दे दी थी। अमेरिका ने यरुशलम में मौजूदा परिस्थितियों को लेकर ‘गंभीर चिंता’ व्यक्त की है। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने इजराइल के अपने समकक्ष से फोन पर बात करते हुए चिंता व्यक्त की। ‘यरुशलम दिवस’ इजरायल के वर्ष 1967 में पूर्वी यरुशलम पर कब्जा करने का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है।

इस बीच हमास से समझौता करके इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बुरी तरह से घिर गए हैं। नेतन्याहू के कुछ राजनीतिक सहयोगी नाराज हो गए हैं। इन सहयोगियों ने अब नेतन्याहू को चेतावनी भी दी है। न्यू होप के नेता गिडीओन सआर ने सरकार की कड़ी आलोचना की है। सआर ने कहा कि इस युद्ध विराम से इजरायल के संकल्प बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस युद्धविराम को लागू करना हमास को मज़बूत करने जैसा होगा। इससे इजरायली हितों को नुकसान पहुंचेगा। सआर ने कहा कि भविष्य में देश को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।