भारत-चीन के बीच जारी सीमा विवाद के बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने बड़ा बयान दिया है।  उन्होंने कहा है कि अगर चीन के खिलाफ बातचीत सफल नहीं होती है तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला है। 

उन्होंने आगे कहा,"रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जिम्मेदार सभी लोग इस उद्देश्य के साथ सभी विकल्पों की समीक्षा कर रहे हैं कि पीएलए लद्दाख में पहले जैसी यथास्थिति बहाल करे। 

जनरल रावत ने कहा,"LAC पर अतिक्रमण अलग-अलग नजरिये की वजह से होता है।  रक्षा सेवाओं का काम निगरानी रखना और ऐसे अतिक्रमण को घुसपैठ में तब्‍दील होने से रोकने का है।  सरकार चाहती है कि शांतिपूर्ण तरीके से ऐसे मसले सुलझाए जाएं और घुसपैठ को रोका जाए।  अगर LAC पर पूर्वस्थिति बहाल करने की कोशिशें सफल नहीं होती हैं तो सैन्‍य कार्रवाई के लिए रक्षा सेवाएं हमेशा तैयार रहती हैं। 

 बता दें, बीते शानिवार को ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एनएसए और तीन सेवा प्रमुखों के साथ एक बैठक की जिसमें लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ जारी गतिरोध को लेकर चर्चा की गई।  चीन ने लद्दाख में LAC पर अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है और जिसके बाद भारतीय सैनिकों की संख्या में भी इजाफा किया गया है।  भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर ही 15 जून को लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे।