देश के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के अंतिम संस्कार (CDS Bipin Rawat Funeral LIVE) में श्रीलंका, भूटान, नेपाल और बंगलादेश के सैन्य कमांडर भी शामिल होंगे। रक्षा सूत्रों के अनुसार इन देशों के सैन्य कमांडर (military commander) अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए यहां पहुंच गये हैं। 

विदेश से यहां आये सैन्य कमांडरों में श्रीलंका के प्रमुख रक्षा अध्यक्ष और सेना के कमांडर जनरल शेवेन्द्र सिल्वा (Commander General Shevendra Silva), पूर्व प्रमुख रक्षा अध्यक्ष एडमिरल रविन्द्र सी विजेगुणारत्ने , भूटान की सेना के उप प्रमुख अभियान अधिकारी ब्रिगेडियर दोर्जी रिनचेन (Brigadier Dorji Rinchen) , नेपाल के उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बाल कृष्ण कार्की और बंगलादेश की सेना के प्रधान स्टाफ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल वाकर उज जमान (Lieutenant General Walker Uz Zaman) शामिल हैं। एडमिरल विजेगुणारत्ने राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज में जनरल रावत के कोर्स सहयोगी रहे हैं। जनरल रावत का अंतिम संस्कार दिल्ली छावनी स्थित बरार स्कवेयर शवदाह गृह में किया जायेगा। 

बता दें कि तमिलनाडु के सुलूर में 8 दिसंबर को हेलीकॉप्टर हादसे (helicopter crash) में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat death), उनकी पत्नी और अन्य 11 सैन्य अधिकारियों का निधन हो गया। सुलूर एयर बेस के एक अफसर ने कहा है कि प्रोटोकॉल के तहत नीलगिरि के मौसम का अनुमान लगाने के लिए वायुसेना के दो हेलीकॉप्टरों को रूट का स्काउट करने के लिए भेजा गया था। विमानों के खोने की बात पर अफसर ने कहा, हम इस बात को लेकर पक्के नहीं हैं कि क्या ये हेलीकॉप्टर वेलिंगटन हेलिपैड पर उतरे थे या बिना उतरे वापस आए थे। वहीं,  मद्रास रेजिमेंटल सेंटर के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी का कहना है, चूंकि एमआई-17 एक भरोसेमंद हेलीकॉप्टर है, इसलिए वास्तविक तौर पर छोटे हेलीकॉप्टर्स की ओर से कोई भी ट्रायल रन नहीं किया गया था।