गोरखा लीग नेता मदन तमांग की हत्या के मामले में अदालत के कई आदेशों के बावजूद गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) प्रमुख विमल गुरंग और अन्य के अदालत में पेश नहीं होने की स्थिति में केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किये जाने की मांग की।

सीबीआई के वकील अरुण भगत ने सत्र न्यायाधीश कुंदन कुमार कुमाई के समक्ष प्रस्तुत याचिका में कहा कि गुरुंग और उनकी पत्नी आशा गुरुंग तथा 20 अन्य आरोपी अब तक अदालत में उपस्थित नहीं हुए हैं। यह अदालत की अवमानना है। दूसरी तरफ संबंधित मामले से जुड़े जिन 26 आरोपी अदालत में पेश हुए उनमें पूर्व जीजेएम नेता हरका बहादुर क्षेत्री, कैप्टन राजेश अलाय और राबिन सुब्बा शामिल हैं, जबकि अब तक अदालत में पेश नहीं होने वाले गुरुंग सहित अन्य ने अदालत से अपने वकीलों को प्रतिनिधित्व किये जाने की अनुमति देने की मांग की, जिस पर सीबीआई के वकील ने विरोध जताया। 

सीबीआई के वकील ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश निशिता म्हात्रे ने मदन तमांग हत्या मामले के आरोपियों के खिलाफ गत 19 जुलाई को पूर्ण आरोपपत्र पेश करने के लिए जांच अधिकारियों को निर्देश दिए थे। उच्च न्यायालय ने आरोपियों को 24 जुलाई को सत्र अदालत में पेश होने के भी आदेश दिये थे। अदालत ने इस संबंध में अपना फैसला सुरक्षित रखा है और संभवत: मंगलवार को अपना फैसला देगा।