भ्रष्टाचार हर एक विभाग में है सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार पुलिस विभाग में देखने को मिलता है इस बार भी सीबीआई के अधिकारियों ने रिश्वत लेते हुए आईओसीएल के महाप्रबंधक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। असम के ऑयल डिवीजन  दिव्य ज्योति दत्ता को सीबीआई ने रंगे हाथों पकड़ लिया  है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई के अधिकारियों ने आठगांव के तेल व्यापारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

सीबीआई गुवाहाटी कार्यालय  में केस संख्या आरसी 1(ए) / 2019-JWH  120 7.7(ए),8,12, पीसी एक्ट (संशोधित कानू-2018) के तहत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें गिरफ्तार आईओसीएल के महाप्रबंधक, नागालैंड के झरनापानी स्थित ओटो सेंटर एजेंट, आईओसीएल के लालचंद चौधरी उर्फ लालाराम आठगांव से एसजे रोड़ निवासी लक्ष्मीनारायण सोगानी उर्फ लिच्छू बाबू आदी लोग शमिल हैं।

सीबीआई ने प्रेस विज्ञप्ति दी है कि असम सहित पूर्वोत्तर राज्यों में पेट्रोल पंप तथा केरोसिन की डिलरशिप देने के नाम पर आईओसीएल के महाप्रबंधक ने लालाचंद चौधरी से पांच लाख रुपए की मांग की थी। पेट्रोल पंप व केरोसिन की डिलरशिप देने के लिए चौधरी ने दो लाख रुपए पेशगी देते हुए हामी भर दी।विज्ञप्ति के मुताबिक रुपयों का लेन-देन बेनदांगनारो आओ के जरिए हुआ था, जोfor  लालचंद चौधरी के कारोबार से जुड़ी हुई है।

एक गुप्त सूचना के आधार पर रुपयों का लेनदेन के समय ही सीबीआई की टीम वहां पहुंच गई और आईओसीएल महाप्रबंधक को अपनी हिरासत में ले लिया। इस घटना के उजागर होने के बाद सीबीआई ने जारी विज्ञप्ति  में बताया की इस संदर्भ में ऑयल मार्केटिंग के वरिष्ठ अधिकारी सहित चार अन्य आरोपियों के खिलाफ पेट्रोल पंप व केरोसिन की डिलरशिप देने के नाम पर कथिक तौर पर रिश्वत मांगने के आरोपों को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है। सीबीआई के मुताबिक आरोपी के खिलाफ पिछले लंबे समय से पेट्रोल पंप व केरोसिन के डिलरशिप देने के नाम पर विभिन्न व्यापारियों से रिश्वत की मांग करने की बात सामने आई है। फिलहाल सभी आरोपी और अधिकारी पुलिस की हिरासत में है जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है।