विश्वजीत नाथ नामक पत्रकार ने असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष रिपून बोरा के खिलाफ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल व पतंजली के योगपीठ के योगगुरु बाबा रामदेव पर अशोभनीय टिप्पणी देने के संबंध में वशिष्ठ थाना में एक मामला दर्ज कराया ।  

कहा गया है कि शनिवार को विश्वनाथ जिले के बिहाली थाना अंतर्गतपीएम व सीएम के खिलाफ रिपुन के विवादास्पद बयान को लेकर मामला दर्ज

बाघमारी चाय बगान में आयोजित एक पंचायत चुनाव सभा में एपीसीसी  के अध्यक्ष रिपून बोरा ने प्रधान मंत्री  नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री सर्वानंद  सोनोवाल व पतंजलि के योगपीठ के योगगुरु बाबा रामदेव पर अशोभनीय व अपमानजनक बयान दिया था । 

उन्होंने कहा कि सोनोवाल ने पंचायत चुनाव में दो से अधिक बच्चे वाले व्यक्तियों की ओर से  उम्मीदवारी करने पर बाधा देने कानून क्रियान्वयन किया है । कारण वे कुंवारे हैं और बच्चों के प्रति प्यार नहीं समझते है । बोरा ने बाबा रामदेव  पर भी अशोभनीय बाते कहीं ।

देश के प्रधानमंत्री और असम के मुख्यमंत्री के निजी जीवन को लेकर ऐसे अपमानजनक बयान देकर रिपुन बोरा ने चुनाव के समय समाज में जहर फैलाने और दंगा फैलाने का षड्यंत्र कर भारतीय दंड विधि को धारा 153 (क) का उल्लंघन किया है । इसके आलावा योगगुरु बाबा रामदेव एक दिक्षित सन्यासी है । 

हिंदू धर्म में संन्यासी को धर्मीय मांगी  दर्शक के रुप में समाज पूजता है ऐसे संन्यासी विवाह नहीं करते हैं यह सनातन धर्म के लाखों साल की  परंपरा है बाबा रामदेव पर  अपमानजनक बयान देकर हिंदू धर्म  का अपमान किया है और देश 100 करोड़ लोगों के धार्मिक  भावनाओं को ठेस पहुंचा कर भारतीय  दंड विधि कानून के 295(क ) का  पूरी तरह से उलंघन किया है । 

बोरा के खिलाफ केस दर्ज कर जांच  कर उचित और कानून के तहत कदम  उठाने की विश्वजीत ने मांग की । इस  संबंध में पुलिस ने भारतीय दंड विधि  की 124/241/294/153 धारा के  तहत  एक मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी ।