एक स्टडी में बड़ा खुलासा हुआ है कि माउथवॉश सिर्फ 30 सेकेंड में मुंह के अंदर के कोरोना वायरस को खत्म कर सकता है। कार्डिफ यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स का कहना है कि कुछ माउथवॉश में एक खास एलिमेंट होता है जिससे वायरस से लड़ने के सबूत मिले हैं। यूनिवर्सिटी के प्रफेसर डेविड थॉमस ने इस रिसर्च को लीड किया था जिसमें पाया गया है कि cetypyridinium chloride (CPC) जिन माउथवॉश में होता है वे वायरस से लड़ सकते हैं।
करीब 12 हफ्ते चले ट्रायल की रिपोर्ट का अभी पियर रिव्यू (peer review) किया जाना बाकी है लेकिन इससे एक हफ्ते पहले की गई एक और स्टडी को बल मिला है जिसमें पाया गया था कि CPC आधारित माउथवॉश से कोरोना वायरस का वायरल लोड कम होता है। इन शुरुआती नतीजों के बाद क्लिनिकल ट्रायल किए जाने हैं, जिनमें यह देखा जाएगा कि ओवर-द-काउंटर मिलने वाले माउथवॉश में भी saliva के अंदर मौदूद वायरस को खत्म करने की ताकत होती है या नहीं।
डॉ. थॉमस ने बताया है, 'लैब में माउथवॉश वायरस को असरदार तरीके से खत्म कर देते हैं, हमें यह देखना होगा कि क्या ये मरीजों पर काम करते हैं।' उन्होंने बताया कि स्टडी में ट्रांसमिशन से जुड़े सवालों के जवाब नहीं मिलेंगे लेकिन यह देखा जाएगा कि असर कितने वक्त तक रहेगा।
SARS-CoV-2 की बाहरी सतह lipid membrane होती है। वहीं, माउथवॉश में मौजूद एथनॉल (ethanol) दूसरे वायरसों में इस सतह को तोड़ सकते हैं। इससे पहले SARS और MERS के खिलाफ आयोडीन युक्त माउथवॉश को असरदार पाया गया था। हालांकि, रिसर्चर्स का कहना है कि अभी इस दिशा में और ज्यादा क्लिनिकल स्टडी की जरूरत है और इसके नतीजे अगले साल आ सकते हैं।