सूरज (Sun) इन दिनों काफी गुस्‍से में है क्योंकि उसमें लगातार विस्‍फोट हो रहा है। सूरज में होने वाले विस्‍फोट से निकलने वाली आग की लपटें धरती (Earth) ही ओर बढ़ रही हैं। इस बदलाव का असर इस महीने के शुरुआत में ही देखने को मिल गया था जब अमेरिका (America) समेत धरती के उत्‍तरी गोलार्द्ध में नॉर्दन लाइट्स देखने को मिली थीं। सूरज की लपटें इसी तरह बढ़ी तो सैटेलाइट्स, पावर ग्रिड्स और इंटरनेट पर असर डाल सकता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार सूरज के सक्रिय होने का एक साइकिल है। इसे सोलर साइकिल (solar cycle) कहा जाता है। सूरज का सोलर साइकिल 11 साल का होता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक सूरज 11 साल तक शांत रहता है और इसके बाद इसमें विस्‍फोट होने लगता है। इस दौरान सूरज में सनस्‍पॉट बनते हैं, जिससे इसमें विस्‍फोट होता है। सूरज में होने वाला विस्‍फोट इतना भयानक होता है कि इसकी लपटें धरती ओर आती हैं। सूरज पिछले 11 सालों से पूरी तरह से शांत दिखाई पड़ रहा था, लेकिन अब ऐसा नहीं है।

खबर है कि सूरज में जो बदलाव (change in sun) देखने को मिल रहा है वह अभी शुरुआती है। साल 2025 में सूरज में सबसे ज्‍यादा गतिविधि देखने को मिलेगी। ये गतिविधि दो साल पहले साल 2019 से धीरे-धीरे शुरू हुई है। साल 2025 तक यह तीव्र स्तर पर होगी। सूरज में जिस तरह के बदलाव अभी से देखने को मिल रहे हैं उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि साल 2025 में स्थिति बहुत ज्‍यादा खराब हो सकती है। इसकी वजह से सैटेलाइट्स और इलेक्ट्रिक ग्रिड्स को नुकसान पहुंच सकता है। पिछले हफ्ते भी सूरज में कई विस्‍फोट होने की जानकारी मिली थी। ये एक बार में अरबों टन वजनी प्लाज्मा गैस और चुंबकीय फील्ड पैदा करता है। ये तेजी से सौर मंडल में फैलने लगता है। इससे धरती पर गर्मी बढ़ जाती है।