25 जनवरी को डिमा हासाउ के पांच गैर राजनीतिक संगठन ग्रेटर नागालिम में डिमा हसाओ जिले के विलय के खिलाफ इलाके में ये विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस विरोध प्रदर्शन में इलाके को 12 घंटे के बंद का आह्वान किया था। जिसमें स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस फायरिंग की आैर पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई थी। असम में आरएसएस के एक नेता के बयान के बाद असम में एेसी स्थिति पैदा हुर्इ थी।

पुलिस की फायरिंग में मारे गए मृत्युंजय डिब्रोगेडे, प्रवीण हाकमावास को श्रद्धांजलि देने के लिए 26 आैर 27 जनवरी को सभा आयोजित की गर्इ। इसके बाद विरोध प्रदर्शन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में आरएसएस मुर्दाबाद के नारे लगाए गए आैर जिला उपायुक्त के साथ एसपी का तुरंत गिरफ्तार करने केा मांग की गर्इ है।

वहीं 28 जनवरी की शाम करीब 6 बजे पश्चिम कार्बी आंग्लोग के हवार्इपुर चारिअाली नामक स्थान पर कार्बी आंग्लोंग डिमासा स्टूडेंट यूनियन ने पूर्व सचिव डिगेन सिंह फांग्लाे समेत डिमासा समाज के लोगों की अगुवार्इ में कैंडल मार्च निकाला। कैंडल में सैकड़ों लोगों ने शामिल होकर मृत दोनों युवकों को श्रद्धांजलि दी ।